GST Return दाखिल करने के लिए आएगा नया सरल फार्म

नई दिल्‍ली। GST Return दाखिल करने के लिए नया सरल फार्म जारी किया जाएगा जो अप्रैल से प्रभावी हो जाएगा। इसके बाद जीएसटी के रिटर्न दाखिल करना और आसान हो जाएगा।

नए वित्तीय वर्ष में जीएसटी रिटर्न फार्म 3बी, फार्म-1 में दाखिल करने की तिथि बढ़ा दी गई है। लेट फीस भी माफ कर दी गई है। जीएसटी के वार्षिक रिटर्न दाखिल करने की तिथि मार्च 2019 से जून 2019 कर दी गई है।

रिफंड के दावों और निस्तारण की प्रक्रिया में भी संशोधन किया जा रहा है।

समाधान योजना अब सेवा के क्षेत्र में भी लागू होगी। 50 लाख रुपये तक सालाना टर्नओवर वाले सेवा प्रदाता इसका लाभ उठा सकेंगे। यह योजना भी एक अप्रैल से प्रभावी होगी। समाधान वाले व्यापारी अब तिमाही रिटर्न दाखिल करने की बाध्यता से मुक्त किए जा रहे हैं।

वित्तीय वर्ष में सिर्फ एक रिटर्न दाखिल करना होगा, लेकिन जीएसटी की धनराशि हर तीन महीने में जमा करनी होगी। इसके अलावा पंजीयन सीमा 20 लाख से बढ़ाकर 40 लाख की जा रही है, लेकिन सेवा क्षेत्र में यह सीमा 20 लाख ही रहेगी।

जीएसटी रिटर्न नहीं भरने वाले व्यापारियों की ई वे बिल सुविधा बंद हो सकती है

जीएसटी प्रणाली के लिए सूचना प्रौद्योगिकी ढांचा उपलब्ध कराने वाली कंपनी जीएसटी नेटवर्क (जीएसटीएन) एक ऐसी प्रणाली विकसित कर रही है जो कारोबारों के जीएसटी रिटर्न दाखिल नहीं करने पर नजर रखेगी। ऐसे में यदि कोई कारोबारी दो रिटर्न दौर में जीएसटी रिटर्न यानी छह महीने तक कोई जीएसटी रिटर्न दाखिल नहीं करता है तो प्रणाली उसे ई-वे बिल बनाने से रोक देगी।

जल्द से जल्द नयी आईटी प्रणाली को लाया जाएगा जो छह माह तक रिटर्न दाखिल नहीं करने वालों को ई-वे बिल बनाने की सुविधा से वंचित कर दिया जाएगा। इसके लिए नए नियमों को अधिसूचित किया जाएगा। अधिकारियों का मानना है कि इस प्रणाली से जीएसटी की चोरी रोकने में मदद मिलेगी।

चालू वित्त वर्ष की अप्रैल-दिसंबर अवधि में केंद्रीय कर अधिकारियों ने जीएसटी चोरी या नियम उल्लंघन के 3,626 मामले पाए हैं जिनमें कुल 15,278.18 करोड़ रुपए की राशि शामिल है। कर चोरी को रोकने के लिए ही एक अप्रैल 2018 को ई-वे बिल की सुविधा शुरू की गई थी। 50,000 रुपए से अधिक का सामान एक राज्य से दूसरे राज्य में भेजे जाने के लिए ई-वे बिल की सुविधा का उपयोग किया जा सकता है। राज्यों के भीतर ही इस सेवा को शुरू करने के लिए 15 अप्रैल से इसे चरणबद्ध तरीके से लागू किया गया।

-एजेंसी

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