दक्षिण कोरिया में कोरोना के नए केस मिले, 251 स्कूल फिर बंद

सोल। दक्षिण कोरिया में कोरोना संक्रमण के नए मामले सामने आने के बाद सरकार को क़रीब 251 स्कूल फिर बंद करने पड़े हैं.
संक्रमण के मामलों में कमी आने के बाद कुछ दिन पहले यहाँ बच्चों के स्कूल खोल दिए गए थे.
सोल से प्राप्‍त जानकारी के अनुसार बीते 24 घंटों में यहां कोरोना के 56 नए मामले सामने आए हैं. इससे पहले कल संक्रमण के 79 मामले दर्ज किए गए थे जो बीते दो महीनों में सबसे अधिक थे.
इनमें से अधिकतर मामले पश्चिम कोरिया के बूचन में मौजूद एक डिस्ट्रीब्यूशन सेंटर में पाए गए हैं. बूचन घनी आबादी वाला इलाक़ा है जिस कारण यहां अधिकारियों कीं चिंता बढ़ गई है.
बूचन में देश की सबसे बड़ी ई-कॉमर्स कंपनी कूपांग का दफ्तर है. अधिकारियों का कहना है कि कंपनी ने कोरोना संक्रमण फैलने से रोकने के लिए ज़रूरी एहतियाती कदमों का कड़ाई से पालन नहीं किया था.
स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि उन्हें यहां काम करने वालों के जूतों और कपड़ों पर कोविड-19 वायरस के कुछ निशान मिले हैं. पूरे देश में इस सेंटर के कर्मचारियों के संपर्क में आए सभी लोगों को ट्रैक किया जा रहा है और उनका टेस्ट भी किया जा रहा है.
संक्रमण के डर से बूचन शहर के 251 स्कूलों को दोबारा बंद करना पड़ा है, जबकि सैकड़ों स्कूलों ने महामारी के बाद ओपनिंग के अपने प्लान को रद्द कर दिया है.
सोल में पढ़ने वाले एक छात्र की माँ को भी कोरोना वायरस से संक्रमित पाया गया है जो कॉपान्ग वेयरहाउस में काम करती हैं.
इसे देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने कई प्रतिबंध दोबारा लागू किये हैं और कहा है कि अगले दो सप्ताह तक सोशल डिस्टेन्सिंग का और गंभीरता से पालन किया जाये.
स्थानीय प्रशासन ने निर्णय लिया है कि सोल के सभी सार्वजनिक पार्क और म्यूज़ियम बंद होंगे और सोल से सटे सभी शहरों में व्यापार और काम-धंधे करने वाले लोगों से गुज़ारिश की गई है कि वो काम के घंटों को लचीला रखें. साथ ही लोगों के एक जगह जमा होने पर रोक लगा दी गई है.
दक्षिण कोरिया में लॉकडाउन कभी भी नहीं था, बल्कि इस महामारी की रोकथाम के लिए वहाँ ज़बर्दस्त कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग और ज़्यादा से ज़्यादा टेस्टिंग का सहारा लिया गया.
सरकार ने सोशल डिस्टेन्सिंग के बहुत सारे दिशा-निर्देश दिये थे जो बाध्यकारी नहीं थी, बल्कि लोग स्वेच्छा से उनका पालन कर रहे थे, जिसकी बड़ी वजह थी वहाँ के स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी किया गया संदेश जिसमें कहा गया था कि ‘लोग तमाम सावधानियाँ बरतें ताकि हमारे बच्चे स्कूल जा सकें और उनकी पढ़ाई में कोई बाधा ना आये.’
प्रशासन की यह गुज़ारिश पहले काम कर चुकी हैं और स्वास्थ्य विभाग को पूरी उम्मीद है कि इस बार भी लोगों पर इसका असर होगा.
-BBC

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