चीन में भारत के नए राजदूत प्रदीप कुमार रावत ने की चीन के विदेश मंत्री से मुलाकात

चीन में भारत के राजदूत प्रदीप कुमार रावत ने चीन के विदेश मंत्री वांग यी के साथ मुलाक़ात की है. वांग यी ने कहा कि चीन और भारत के साझा हित उनके मतभेदों से कहीं अधिक हैं और दोनों पक्षों को एक-दूसरे को कमज़ोर करने तथा एक-दूसरे पर संदेह करने के बजाय, समर्थन करना चाहिए. दोनों देशों को आपसी विश्वास बढ़ाना चाहिए.
वांग यी ने कहा कि दोनों देशों के प्रतिनिधियों ने महत्वपूर्ण रणनीतिक सहमति का पालन करने का आह्वान किया, जिसमें सीमा मुद्दे को द्विपक्षीय संबंधों से ठीक करने और बातचीत इस मसले का समाधान खोजने पर ज़ोर दिया गया.
चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने चीन और भारत के बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान पर भी महत्व दिया. उन्होंने कहा कि दोनों देशों को एक-दूसरे को लाभान्वित करने वाले सहयोग बनाए रखना चाहिए. साथ ही मानवता के बेहतर भविष्य के उद्देश्य के साथ आगे बढ़ना चाहिए.
इस मुलाकात के बाद भारत के राजदूत ने भारत-चीन के बीच आदान-प्रदान के ऐतिहासिक रिश्ते का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत स्वतंत्र विदेश नीति का दृढ़ता से पालन करेगा और रणनीतिक सहमति का पालन करने लिए चीन के साथ मिलकर काम करने, संचार को मज़बूत करने के लिए तत्पर है. रावत ने भी आपसी मतभेद, आपसी विश्वास को बढ़ाने और द्विपक्षीय सहयोग को आगे ले जाने पर ज़ोर दिया.
प्रदीप कुमार रावत को बीते साल ही चीन में भारत का राजदूत नियुक्त किया गया है. प्रदीप कुमार रावत मंदारिन यानी चीनी भाषा भी बोलते-समझते हैं. रावत इससे पहले नीदरलैंड्स में भारत के राजदूत थे. प्रदीप की नियुक्ति ऐसे समय में हुई, जबकि दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंध ऐतिहासिक रूप से ख़राब हैं. पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा यानी एलओसी पर अप्रैल 2020 से ही दोनों देशों के सैनिक आमने-सामने हैं.
कौन हैं प्रदीप कुमार रावत
विदेश सेवा में रावत 1990 में आए थे और उन्होंने विदेशी भाषा के तौर पर मंदारिन चुनी थी. पहली सेवा उन्होंने हॉन्ग कॉन्ग में दी और फिर बीजिंग में 1992 से 1997 के बीच रहे. चीन, प्रदीप कुमार रावत के लिए कोई नया देश नहीं है. 2003 में रावत चार साल के दूसरे टर्म पर चीन गए थे.
पहले उनकी नियुक्त काउंसलर के तौर पर हुई थी और बाद में राजनयिक मिशन के उप-प्रमुख बनाए गए थे. इस दौरान भी रावत चीन से लगी सीमा के सवालों पर होने वाली वार्ता में शामिल रहे. रावत इंडोनेशिया में भी भारत के राजदूत रहे हैं.
-एजेंसियां

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