नेहरू की 131वीं जयंती आज, राहुल गांधी ने दी श्रद्धांजलि

नई दिल्‍ली। आज देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू की 131वीं जयंती है। उनका जन्‍मदिन ‘बाल दिवस’ के रूप में मनाया जाता है। इस अवसर पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शांतिवन जाकर नेहरू को श्रद्धांजलि दी।
राहुल गांधी ने कहा कि नेहरू एक दूरदर्शी व्यक्ति थे जिन्होंने भाईचारे, समानता और आधुनिक दृष्टिकोण के साथ देश की नींव रखी थी। वर्ष 1889 में जन्मे कांग्रेस के दिग्गज नेता नेहरू भारत के सबसे लंबे समय तक प्रधानमंत्री रहे थे। गांधी ने ट्वीट किया, “आज भारत देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू जी की जयंती मना रहा है। वह एक दूरदर्शी व्यक्ति थे जिन्होंने भाईचारे, समानता और आधुनिक दृष्टिकोण के मूल्यों के साथ हमारे देश की नींव रखी थी।” उन्होंने कहा, “हमारा प्रयास होना चाहिए कि इन मूल्यों को बचाकर रखें।”
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी नेहरू को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि दी। मोदी ने ट्वीट किया, ‘‘देश के प्रथम प्रधानमंत्री पं. जवाहर लाल नेहरू को उनकी जयंती पर मेरी विनम्र श्रद्धांजलि।’’ रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी नेहरू को ट्वीट के माध्‍यम से श्रद्धांजलि दी। वर्ष 1889 में जन्मे कांग्रेस के दिग्गज नेता नेहरू भारत के सबसे लंबे समय तक प्रधानमंत्री रहे थे।
नेहरू ने जेल में लिख डाली थी आत्‍मकथा
पंडित नेहरू के पिता का नाम मोतीलाल नेहरू था और मां का नाम स्वरूप रानी। भारत के निर्माण में उनका महत्वपूर्ण योगदान है। जिस समय भारत आजाद हुआ था, उस समय देश की आर्थिक स्थिति काफी खराब थी। उस स्थिति में उन्होंने देश की कमान संभाली और देश की तरक्की का रास्ता तैयार किया। नेहरू ने हैरो और ट्रिनिटी कॉलेज, कैंब्रिज से पढ़ाई की। उन्होंने इनर टेंपल से अपना बैचलर ऑफ लॉ मुकम्मल किया। वहां उनको प्यार से जोए नेहरू कहा जाता था। जब वह जनवरी 1934 से फरवरी 1935 तक जेल में थे तो अपनी आत्मकथा लिखी जिसका नाम ‘टूवार्ड फ्रीडम’ है। इसे 1936 में अमेरिका में प्रकाशित किया गया था।
जब नेहरू ने खुद के तानाशाह बनने के डर में क‍िया यह काम
नेहरू ने पश्चिम के विरोध के तौर पर पश्चिमी परिधान पहनना बंद कर दिया। इसकी जगह वह जो जैकेट पहनते थे, उसका नाम नेहरू जैकेट पड़ गया। वह बच्चों का मुकाबला गुलाब की कली से करते और अपने जैकेट में गुलाब रखा करते थे। उन्होंने भारत और विश्व पर दो किताबें लिखीं Discovery of India और Glimpses of the World। दोनों किताबों से भारत के साथ-साथ दुनिया के बारे में उनकी काफी जानकारी का पता चलता है। Glimpses of World History वाकई में 146 पत्रों का संग्रह है जो उन्होंने बेटी इंदिरा गांधी को लिखा था।
-एजेंसियां

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