NEET 2020 के रिजल्‍ट का मामला पहुंचा बॉम्बे हाईकोर्ट

नई दिल्‍ली। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी NTA ने NEET 2020 का रिजल्ट 16 अक्टूबर को जारी कर दिया है लेकिन अब इस रिजल्ट पर विवाद उठने लगे हैं। कुछ स्टूडेंट्स इसके खिलाफ हाईकोर्ट पहुंच रहे हैं। इन स्टूडेंट्स का कहना है कि एनटीए द्वारा जारी ओएमआर शीट के उनके मार्क्स कैलकुलेशन और NEET रिजल्ट में मिले स्कोर में काफी अंतर है।
स्टूडेंट्स व पैरेंट्स का आरोप
अमरावती (महाराष्ट्र) की एक छात्रा वसुंधरा भोजाणे ने इसके खिलाफ बॉम्बे हाईकोर्ट में याचिका लगाई है। वसुंधरा का कहना है कि एनटीए द्वारा जारी उसके नीट ओएमआर शीट के कैलकुलेशन के अनुसार उसे 720 में से 600 अंक जरूर मिलने चाहिए थे। लेकिन नीट रिजल्ट जारी होने के बाद वह हैरान रह गई। उसे 720 में से 0 अंक मिले हैं।
इस संबंध में याचिका लगाने की तैयारी कर रहे एक अन्य स्टूडेंट ने कहा कि उसे नीट में 212 अंक मिले हैं, जो उसके ओएमआर शीट कैलकुलेशन की तुलना में काफी कम है। उसके पिता का कहना है कि ओएमआर शीट कैलकुलेशन और आंसर-की के अनुसार उसे 700 से ज्यादा अंक मिलने चाहिए थे।
कुछ पैरेंट्स का कहना है कि स्टूडेंट्स को ऐसा लग रहा है कि उनके ओएमआर शीट्स के साथ छेड़छाड़ हुई है। एक पैरेंट सुधा शेनॉय ने कहा कि एक स्टूडेंट के करीब 60 क्वेश्चंस पर रेस्पॉन्स सॉफ्टवेयर ने रिकॉर्ड ही नहीं किया था।
वहीं, एक सरकारी अधिकारी का कहना है कि कई बार परीक्षा में अच्छा करने के दबाव में स्टूडेंट्स ओएमआर शीट्स के साथ फर्जीवाड़ा करते हैं। पहले भी कोर्ट में ऐसे मामले पहुंचे हैं जिन्हें बाद में वापस ले लिया गया था।
NTA ने क्या कहा?
एनटीए महानिदेशक विनीत जोशी ने कहा कि ‘स्टूडेंट्स द्वारा किए गए सभी दावों की जांच के बाद रिजल्ट की घोषणा की गई है। अभी भी स्टूडेंट्स अपनी ओएमआर शीट ऑनलाइन चेक कर सकते हैं। अब तक जितने भी दावे किए गए, सभी गलत पाए गए। कोर्ट निर्देश देगा तो हम इस संबंध में हलफनामा भी देंगे।’
एडमिशन प्रक्रिया पर लगेगी रोक?
वकील अश्विन देशपांडे हाईकोर्ट में कहा कि वसुंधरा का एकेडेमिक रिकॉर्ड अच्छा रहा है। 10वीं में उसे 93.4 फीसदी और 12वीं में 81.9 फीसदी अंक मिले थे। नीट में उसे 0 अंक मिलना असंभव है। ऐसा किसी तकनीकि खामी के कारण हो सकता है।
वसुंधरा और उसके वकील ने आंसरशीट की दोबारा जांच / रीवैल्यूएशन की मांग की है। साथ ही हाईकोर्ट से अपील की है कि वह एनटीए को कोर्ट में वसुंधरा की ओरिजिनल ओएमआर शीट पेश करने का निर्देश दे। साथ ही याचिका के निष्पादन तक मेडिकल एडमिशन प्रक्रिया पर अंतरिम रोक लगाए।
बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर बेंच ने मामले की अगली सुनवाई 26 अक्टूबर को रखी है। इससे पहले एनटीए को कोर्ट में अपना रेस्पॉन्स फाइल करना है।
-एजेंसियां

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