मतांतरण के खिलाफ बने राष्‍ट्रीय कानून, मठ-मंदिर सरकारी नियंत्रण से मुक्त हों: विहिप

भोपाल। विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के कार्याध्यक्ष आलोक कुमार ने कहा कि मतांतरण राष्ट्रीय अभिशाप है, जिससे मुक्ति मिलनी ही चाहिए। इस पर रोक के लिए 11 राज्यों में कानून तो हैं किंतु समस्या व षड्यंत्र राष्ट्रव्यापी है, इसलिए राष्ट्रीय कानून बनना ही चाहिए तभी इस अभिशाप से मुक्ति सकती है। इसको लेकर केंद्र सरकार से विश्व हिंदू परिषद ने मांग की है। वहीं, देशभर के मठ मंदिरों पर सरकारी नियंत्रण से मुक्ति के लिए भी परिषद ने प्रस्ताव पारित किया है। इसमें कहा गया है कि मठ मंदिर न केवल आस्था अपितु चिरंजीवी शक्ति के केंद्र व हिंदू समाज की आत्मा है। इन्हें सरकारी नियंत्रण में नहीं रखा जा सकता समाज को स्वयं इनकी देखभाल व संचालक का दायित्व सौंपना चाहिए। न्यायपालिका ने भी कई बार कहा है कि सरकार को मंदिरों के नियंत्रण का कोई अधिकार नहीं है। केंद्र सरकार से अपील की है कि इसके लिए केंद्रीय कानून बनाया जाए और मठ मंदिर व धार्मिक संस्थाओं को सरकारी नियंत्रण से मुक्ति दिलाकर हिंदुओं को सौंपा जाए।
विश्व हिंदू परिषद के कार्याध्यक्ष आलोक कुमार ने भोपाल में विश्व संवाद केंद्र में आयोजित पत्रकार वार्ता में कहा कि कोरोना की दूसरी लहर के लिए समाज तैयार नहीं था। तीसरी लहर की आशंका जताई जा रही है। इसे देखते हुए तय किया है कि परिषद देश भर की हिंदू शक्तियों के साथ मिलकर देश के एक लाख से ज्यादा गांव और शहरी बस्तियों में व्यापक जन जागरण अभियान चलाएगी। इसमें न सिर्फ लोगों को महामारी से बचाव के प्रति जागरूक करेंगे अपितु पीड़ित परिवारों की हरसंभव मदद भी करेंगे। तीसरी लहर में बच्चों के ज्यादा प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है। इसे देखते हुए महिलाओं को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। यह अभियान मध्य प्रदेश के साढे सात हजार से ज्यादा गांव और शहरी बस्तियों में संचालित होगा।
-एजेंसियां

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