राष्ट्रीय हैंडलूम दिवस कल, बुनकर कला पर व‍िचार होंगे साझा

‘बुनकरी कला’ को कायम रखने के उद्देश्य से, श्रीमती स्मृति ईरानी, माननीय केंद्रीय मंत्री, कपड़ा, और केंद्रीय मंत्री, महिला और बाल विकास, और ईशा फाउण्डेशन के संस्थापक, सद्गुरु के बीच एक ऑनलाइन बातचीत को कल राष्ट्रीय हैंडलूम दिवस पर वेबकास्ट किया जाएगा। यह बातचीत ‘इन कन्वर्सेशंस विद दि मिस्टक’ श्रंखला की एक कड़ी है और इसमें भारत की समृद्ध, मौलिक और अनोखी बुनकरी कला को बचाने के लिए राष्ट्रीय प्रयासों पर चर्चा की जाएगी। इस सत्र का संचालन लवीना बाल्दोता करेंगी, जो कला और हस्तकौशल की संरक्षक हैं और हाथ से बुने उत्कृष्ट कपड़ों के निर्माण के लिए बुनकरों के साथ अथक परिश्रम कर रही हैं।
सद्गुरु जितना अपनी हाज़िरजवाबी और ज्ञान के लिए जाने जाते हैं, उतना ही अपने पहनावे की समझ के लिए भी जाने जाते हैं। उन्होंने अक्सर कहा है कि सिंथेटिक कपड़े सबसे ज्यादा प्रदूषण फैलाने वालों में से एक हैं। पिछले साल, सद्गुरु ने ‘बुनकरी कला को बचाओ’ नाम का अभियान शुरू किया था, ताकि पर्यावरण-अनुकूल भारतीय बुनकरी कला और विज्ञान के बारे में जानकारी और जागरूकता बढ़े और घटते हुए देशी बुनकरों की दुर्दशा पर ध्यान आकर्षित हो। यह अभियान, सिंथेटिक कपड़ों के विकल्प के तौर पर, स्वस्थ और प्रदूषण-मुक्त प्राकृतिक तंतुओं और रेशों के कपड़ों को बढ़ावा देता है, जो इस मृतप्राय हस्तकौशल में नया जीवन फूंक सकता है। इसका उद्देश्य लोगों के कपड़ों के चुनाव को प्रभावित करना है ताकि बुनकरी की इस अनोखी हस्तकला को और इसमें लगे हुए बुनकरों की आजीविका को संरक्षण मिल सके।
श्रीमती स्मृति ईरानी, सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी की एक प्रमुख नेता हैं और कपड़ा मंत्रालय की केंद्रीय मंत्री, और महिला और बाल विकास मंत्रालय की केंद्रीय मंत्री हैं। कपड़ा मंत्री के तौर पर पिछले चार साल में उनका प्रयास बुनकरों और कारीगरों को सशक्त बनाने की दिशा में था, और साथ ही नई डिज़ाइनों के जरिए हस्त-निर्मित कपडों को युवा वर्ग के बीच प्रासंगिक और आकर्षक बनाना था। सरकारी योजनाओं और टेक्नॉलजी उन्नतिकरण के जरिए, कपड़ा लघु उद्योगों को अर्थिक सहायता देने से लेकर कारीगरों के कौशल को बढ़ाने तक, कपड़ा उद्योग को एक बड़ा प्रोत्साहन देने में श्रीमती ईरानी मददगार रही हैं।
छठे राष्ट्रीय हैंडलूम दिवस पर, सद्गुरु और कपड़ा मंत्रालय की केंद्रीय मंत्री के बीच यह बातचीत भारतीय कपड़ा उद्योग के भविष्य पर केंद्रित होने की आशा है।
यह कार्यक्रम 7 अगस्त को भारतीय समयानुसार शाम 7:30 पर सद्गुरु के सोशल मीडिया चैनेलों पर लाइव प्रसारित होगा।

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