मुस्लिमों ने लिखा राम मंदिर ट्रस्ट को खत, इकबाल अंसारी ने कहा ये गलत

अयोध्‍या। राम मंदिर निर्माण की प्रक्रिया अपने आखिरी दौर में है। उधर, अयोध्या के नौ मुस्लिमों ने राम जन्मभूमि परिसर में नया विवाद बोने की कोशिश की है। इन मुस्लिमों ने राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को पत्र लिखा है, जिसमें कहा गया है कुल 67 एकड़ जमीन में से 5 एकड़ जमीन कब्रिस्तान की है। हालांकि इन 9 लोगों के दावे पर बाबरी के पक्षकार रहे इकबाल अंसारी ने सांप्रदायिक सौहार्द की नसीहत दी है।
इकबाल अंसारी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले को देश के सभी हिंदू-मुस्लिमों ने सम्मान दिया। अब इस तरह के पत्र लिखना सांप्रदायिक तौर पर नया विवाद खड़ा करना है। इस मामले में रामलला के मुख्य पुजारी आचार्य सतेंद्र दास कहते हैं, ’67 एकड़ भूमि पर कोई कब्र नहीं है, वहां ऋषियों की समाधि जरूर थी, कब्र के नाम पर अड़ंगेबाजी की जा रही है। जहां शंख की ध्वनि गूंजती हो और पूजा की जा रही हो, वहां का शमशान व कब्रिस्तान सब शुद्ध हो जाता है।’
वीएचपी ने कहा, ये हताश और निराश
विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) के प्रवक्ता शरद शर्मा कहते हैं, ‘जो मंदिर निर्माण में हर तरह की बाधाएं पहुंचा रहे थे। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद से हताश और निराश हैं। ये लोग अब ऐसी बातें कर रहे हैं जिसका कोई प्रतीक भी 67 एकड़ जमीन पर नहीं है। मंदिर के संघर्ष में सदियों से हजारों संतों ने जान गंवाई है।ऐसे में जहां कब्रगाह की तथ्यहीन बात कही जा रही है, उसे संत शहीदा कहा जा सकता है।’
-एजेंसियां

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