मुंबई: रिहायशी इमारत में आग लगने से 4 लोगों की मौत, 16 घायल

मुंबई। देश की आर्थिक राजधानी मुंबई के परेल इलाके में बुधवार को एक बहुमंजिला रिहायशी इमारत में आग लगने के बाद 4 लोगों की मौत हो गई जबकि 16 लोग घायल हो गए हैं। घायलों को इलाज के लिए KEM अस्पताल भेज दिया गया है।
जानकारी के मुताबिक मरने वालों में एक महिला और तीन पुरुष हैं, वहीं घायलों में 10 पुरुष और 6 महिलाएं शामिल हैं। फायर डिपार्टमेंट के अधिकारी ने बताया कि आग पर पूरी तरह नियंत्रण पा लिया गया है।
फायर डिपार्टमेंट के ऑफिसर ने बताया कि 12वें फ्लोर पर लिफ्ट एरिया के पास स्थिति सबसे ज्यादा खराब थी। बिजली के तारों में चिंगारी के बाद धुआं उठा और पूरे फ्लोर पर धुआं फैल गया। इस कारण इस फ्लोर पर काफी लोग फंसे रहे। उन्होंने बताया कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। आग पर काबू पा लिया गया है। हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी। फिलहाल बिल्डिंग में बिजली और पानी की सप्लाई रोक दी गई है।
आग लगने की सूचना फौरन दमकल विभाग को दी गई। जानकारी मिलते ही दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंच गई और लगभग दो घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया है। इमारत में फंसे लोगों को क्रेन के सहारे बाहर निकाला गया।
बता दें कि लेवल-2 की यह आग परेल के हिंदमाता सिनेमा के पास सुबह करीब 8:30 बजे लगी है। क्रिस्टल टावर नाम की इमारत की 12वीं मंजिल में यह हादसा हुआ है। बताया गया है कि दमकल की 20 गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। आग लगने के कारणों का पता अभी नहीं चल सका है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक आग शायद शॉर्ट सर्किट के कारण लगी होगी। रिपोर्ट्स के मुताबिक दो लोगों की जान दम घुटने के कारण चली गई। अस्पताल ले जाने पर उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। वहीं, 16 घायलों का इलाज चल रहा है।
मुंबई फायर ब्रिगेड की है जिम्मेदारी
गौरतलब है कि जून के महीने में आरटीआई से मिली जानकारी में पता चला था कि मुंबई में पिछले 6 साल में आग की 29,140 घटनाएं रेकॉर्ड की गई हैं, जबकि इनमें मौत के मुंह में जाने वालों की संख्या 300 है।
महाराष्ट्र अग्नि प्रतिबंधक व जीवरक्षक उपाय योजना अधिनियम 2006 के तहत, नियम का पालन कराने की जिम्मेदारी मुंबई फायर ब्रिगेड की है लेकिन पिछले 6 साल में मुंबई शहर में आग की घटनाओं की संख्या चौंका देने वाली हैं। इससे जाहिर होता है कि आग संबंधी ऐहतियातों कड़ाई से पालन नहीं होता।
-एजेंसी

50% LikesVS
50% Dislikes

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *