मप्र व राज. में कांग्रेस के आरोपों पर चुनाव आयोग ने दिया सुप्रीम कोर्ट में Affidavit

चुनाव आयोग ने Affidavit देते हुए कहा कि कांग्रेस नेता कमलनाथ और सचिन पायलट की याचिका में लगाए गए सारे आरोप गलत और भ्रामक हैं

नई दिल्‍ली। मप्र और राजस्थान विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस नेता कमलनाथ और सचिन पायलट की याचिका पर चुनाव आयोग ने सुप्रीम कोर्ट में Affidavit दाखिल किया है ।

चुनाव आयोग ने Affidavit मेें कहा कि याचिका में आयोग पर लगाए गए आरोप गलत, बेबुनियाद और भ्रामक हैं। वोटर लिस्ट का पब्लिकेशन वेरीफिकेशन के मैकेनिज्म का अभिन्न हिस्सा है। EVM और VVPAT को ट्रैक करने के लिए EVM ट्रेकिंग सॉफ्टेवयर लगाया गया है। दस फीसदी बूथों पर VVPAT लगाना संभव नहीं है। चारों राज्यों के चुनाव में EVM की कमी नहीं है।

आयोग ने कहा कि कांग्रेस की याचिका पर सुनवाई नहीं हो चाहिए क्योंकि बार बार चुनावी प्रक्रिया में दखल नहीं होना चाहिए। चुनाव आयोग कानूनी प्रावधान के तहत ही चुनाव कराता है। याचिका के जरिए चुनाव आयोग को ये निर्देश देने की मांग नहीं की जा सकती कि किस तरीके से चुनाव कराए जाएं।

इससे पहले MP और राजस्थान विधानसभा चुनाव को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग को नोटिस जारी किया था। सुप्रीम कोर्ट मध्यप्रदेश और राजस्थान में फ्री एंड फेयर चुनाव कराने की कांग्रेस की याचिका पर सुनवाई कर कहा है।

मध्य प्रदेश कांग्रेस के चीफ कमलनाथ और राजस्थान कांग्रेस के चीफ सचिन पायलट ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल याचिका में कहा है कि कोर्ट चुनाव आयोग को निर्देश दे कि वो मध्यप्रदेश और राजस्थान में फ्री एंड फेयर चुनाव कराने के लिए बोगस वोटरों को लिस्ट से हटाए।
सुप्रीम कोर्ट ने कांग्रेस नेता कमलनाथ की याचिका पर चुनाव आयोग को नोटिस जारी किया था। याचिका में वीवीपीएटी पर्चियों के सत्यापन की मांग की भी की गई है और कहा है कि सुप्रीम कोर्ट चुनाव आयोग को निर्देश दे कि EVM में डाले गए वोटों का मिलान VVPAT से किया जाए। इसके अलावा VVPAT से निकलने वाली स्लिप दिखने का वक्त सात सेकेंड से बढ़ाया जाए। साथ ही कहा है कि वीवीपीएटी का दस फीसदी बूथों पर औचक निरीक्षण होना चाहिए।

– एजेंसी

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