यमुना प्रदूषण मुक्ति हेतु सांसद हेमामालिनी ने पर्यावरण मंत्री से की वार्ता

मथुरा। यमुना जी की निर्मलता व अविरलता हेतु प्रधानमंत्री की महत्वाकांक्षी “नमामि गंगे” की शिथिल कार्यशैली व प्रस्तावित कार्यों के अपूर्ण रहने से यमुना जल में निरंतर प्रदूषण बढ़ रहा है।

मथुरा की सांसद हेमामालिनी ने यमुना प्रदूषण के संबंध में ही विगत दिवस केन्द्रीय जलशक्ति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत से भी सार्थक वार्ता की थी। यमुना जल की दुर्दशा से व्यथित सांसद द्वारा दूसरे महत्त्वपूर्ण पर्यावरण विभाग के मंत्री अश्वनीकुमार चौबे से सम्पर्क साधकर अपनी पीड़ा बतायी तो उन्होंने देर सायं स्वयं सांसद के आवास पर आकर सांसद सहित वहाँ उपस्थित श्रीकृष्ण जन्मस्थान प्रबंध-समिति के सदस्य व यमुना कार्य योजना के याची गोपेश्वरनाथ चतुर्वेदी आदि से समस्या के कारणों व उसके निदान संबंधी उपायों पर गहन चर्चा की।

श्री चतुर्वेदी ने मंत्री अश्वनीकुमार चौबे को बताया कि सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के बावजूद वर्षों से यमुना में हथिनी कुण्ड से यमुनाजल प्रदान न करने के कारण ब्रजवासी दिल्ली के प्रदूषित जल से आचमन करने को विवश हैं, इससे बड़ा दुर्भाग्य और कोई नहीं हो सकता।

श्री चतुर्वेदी द्वारा यमुना तट क्षेत्र की सभी औद्योगिक इकाइयों पर जीरो डिस्चार्ज का नियम कठोरतापूर्वक लागू कराने का आग्रह भी किया गया।

सांसद हेमामालिनी ने यमुना जल प्रदूषण का हर स्थिति में हल निकालने का श्री चौबे से आग्रह किया। पर्यावरण मंत्री श्री चौबे से वार्ता व विस्तृत विचार विमर्श के उपरांत केन्द्रीय मंत्री द्वारा शीघ्र ही मथुरा आकर सभी विषयों पर स्वयं निरीक्षण कर कार्य को आगे बढ़वाने व यमुना जी को प्रदूषण मुक्त कराने हेतु आश्वस्त किया।

उक्‍त चर्चा में जन्मभूमि के विशेष कार्याधिकारी विजय बहादुर सिंह, जनार्दन शर्मा व रवि मोंगा भी सम्मिलित रहे।

– Legend News

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