दिल्ली एम्‍स में 30 से अधिक डॉक्‍टर पाए गए कोरोना पॉजिटिव

नई दिल्‍ली। दिल्ली में कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच एम्स में 30 से अधिक डॉक्टरों के कोरोना पॉजिटिव होने की खबर है। टीवी रिपोर्ट्स के अनुसार संक्रमित हुए डॉक्टर कोरोना वैक्सीन की दोनों डोज लगवा चुके थे। इससे पहले दिल्ली के ही सर गंगाराम अस्पताल (एसजीआरएच) में 37 डॉक्टर कोरोना संक्रमित हो गए थे। उनमें 32 डॉक्टर होम क्वारंटीन हैं जबकि पांच को इलाज के लिए भर्ती कराया गया है। दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने सर गंगा राम अस्पताल के चेयरमैन डॉ. डीएस राणा को स्थिति की समीक्षा के लिए बुलाया है। यह बैठक शाम 4 बजे होने की उम्मीद है।
इस साल पहली बार मामले 7 हजार के पार
पिछले 24 घंटे में दिल्ली में 7,437 नए मामले सामने आए। 139 दिनों के बाद दिल्ली में एक दिन में मामले की संख्या 7 हजार के पार पहुंची है। इससे पहले पिछले साल 19 नवंबर को दिल्ली में एक दिन में कोरोना के 7,546 नए मरीज आए थे। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार संक्रमण दर भी पिछले दिन की 6.1 प्रतिशत से बढ़कर 8.1 प्रतिशत हो गई क्योंकि पिछले कुछ हफ्तों में मामलों में काफी वृद्धि हुई है। इस वर्ष पहली बार एक दिन में 7,000 से अधिक नए मामले सामने आए हैं।
बस टीका नहीं, मास्क और 2 गज की दूरी भी जरूरी
टीकाकरण एक माध्यम है जिससे कोविड पर नियंत्रण पाया जा सकता है लेकिन ऐसा नहीं है कि यह कोविड के खिलाफ पूरी तरह सुरक्षित कर देता है। AIIMS के निदेशक रणदीप गुलेरिया बताते हैं कि ‘वैक्सीन आपको इम्यूनिटी देता है, आपको संक्रमण से नहीं बचाता। एफिकेसी ट्रायल के पैमाने पर भी वैक्सीन 70 से 80 प्रतिशत ही खरा उतरा था। इसका मतलब है कि 20 से 30 प्रतिशत लोग ऐसे भी होंगे जो वैक्सीन लेने के बाद भी बहुत ज्यादा सुरक्षित नहीं हो पाएंगे।’ ऐसे में मास्क और दो गज की दूरी का नियम ही कोरोना से पूरी तरह बचा सकता है।
4 हजार के पार पहुंची कंटेनमेंट जोन की संख्या
पूरी दिल्ली में एक्टिव कंटेनमेंट जोन की संख्या बढ़कर 4226 हो गई है। सबसे अधिक 925 एक्टिव कंटेनमेंट जोन अब भी साउथ दिल्ली में हैं। कंटेनमेंट जोन के नियमों में बदलाव के बाद एक दिन में 506 कंटेनमेंट जोन बनाए गए। 5 अप्रैल को ही नियमों में यह बदलाव किया गया है। नए नियमों के अनुसार, अब दो पॉजिटिव मिलने के बाद कंटेनमेंट जोन बनाया जा रहा है। इससे पहले तीन पॉजिटिव मिलने के बाद कंटेनमेंट जोन बनाए जा रहे थे।
-एजेंसियां

50% LikesVS
50% Dislikes

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *