सरहद पर शहीद हुए Rajesh Kumar को श्रद्धांजलि देने उमड़े 10 हजार से ज्यादा लोग

एटा के जवान Rajesh Kumar का पार्थिव शरीर शनिवार की सुबह गांव रेजुआ पहुंचा, गूंजे भारत माता के जयकारे

नई दिल्‍ली। सरहद पर पाकिस्तान की गोलाबारी में शहीद हुए एटा के जवान Rajesh Kumar उर्फ बॉबी का पार्थिव शरीर शनिवार की सुबह जैसे ही गांव रेजुआ पहुंचा, उनके अंतिम दर्शन को जनसैलाब उमड़ पड़ा। जहां तक नजर पहुंची वहां तक लोग ही लोग दिखाई दिए।
लोगों की आंखों में माटी के लाल से जुदा होने का गम दिखाई दिया तो चेहरे पर देश रक्षा के लिए बलिदान होने पर गर्व भी। करीब आठ किमी की पदयात्रा कर शहीद राजेश का पार्थिव शरीर अंत्येष्टि स्थल पर लाया गया।

tribute to Rajesh Kumar
tribute to Rajesh Kumar

शहीद राजेश का पार्थिव शरीर आते ही पूरा गांव भारत माता की जय…जब तक सूरज चांद रहेगा, अमर शहीद बॉबी तेरा नाम रहेगा…के नारों से गूंज उठा। तिरंगा में लिपटा शहीद का पार्थिव शरीर देख पत्नी रीना, मां रामवती और चारों बहनें बिलख पड़ीं।

10 हजार से ज्यादा लोग शामिल

शनिवार को सुबह सेना के वाहन से शहीद का पार्थिव शरीर एटा जिले के जलेसर पहुंचा। यहां से शव को दूसरे वाहन में रखा गया और पदयात्रा शुरू हुई। करीब नौ किमी तक पदयात्रा में शहीद के अंतिम दर्शन को 10 हजार से ज्यादा लोग उमड़े।

शहीद की अंतिम यात्रा पूरे गाजेबाजे के साथ निकाली गई। नौ किमी चलने के बाद पदयात्रा गांव रेजुआ पहुंच गई, जहां से तिरंगे में लिपटे लाल का शव उनके घर पर लाया गया। शव देखते ही पत्नी, मां और बहनें फफक पड़ीं। यह देख हर आंख नम हो गई।

राजेश की पत्नी रीना छह माह की गर्भवती है। वो रोते रोते बेसुध हो गई। किसी तरह परिजनों ने उसे संभाला। पिता नेमसिंह को इकलौता बेटा खोने का गम है तो बेटे की शहादत पर गर्व भी। उनकी आंखों से भी आंसू थम नहीं रहे हैं।

शहीद को दी सलामी

यहां से पार्थिव शरीर अंत्येष्टि स्थल ले जाया गया। जहां सेना के जवानों ने फायरिंग कर शहीद को गार्ड आफ ऑनर की सलामी भी दी। सेना और पुलिस अधिकारियों ने पुष्पचक्र अर्पित कर शहीद को श्रद्धांजलि दी।

शहीद राजेश की अंतिम यात्रा में डीएम आईपी पांडेय, एएसपी ओपी सिंह, विधायक जलेसर संजीव दिवाकर, भाजपा जिलाध्यक्ष डॉ दिनेश वशिष्ठ, जलेसर चेयरमैन विकास मित्तल, सपा के पूर्व विधायक रणजीत सुमन, अवागढ़ ब्लॉक प्रमुख लालकान्त समेत हजारों लोग मौजूद हैं।

उधर, अंतिम समय तक शहीद के अंत्येष्टि स्थल और स्मारक को लेकर पशोपेश की स्थिति रही। प्रशासन ने जो जगह चिंहित की उस पर परिजनों ने एतराज जताते हुए इंकार कर दिया। इसके बाद अफसर दूसरी जगह तलाशते रहे। गांव में भारी संख्या में भीड़ मौजूद है।

-एजेंसी

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