मोदी का मायावती को जवाब: इस देश के गरीबों की जो जाति है, वही मेरी जाति है

रॉबर्ट्सगंज। लोकसभा चुनावों के बीच यूपी में एक बार फिर जाति पर बहस तेज होती दिख रही है। जाति को लेकर पीएम नरेंद्र मोदी और बीएसपी सुप्रीमो मायावती के बीच जुबानी जंग जारी है। पीएम नरेंद्र मोदी ने एक बार फिर बीएसपी सुप्रीमो मायावती पर अप्रत्यक्ष रूप से जाति को लेकर पलटवार किया। पीएम ने कहा, ‘अब ये भी शुरू किया है कि मोदी की क्या जाति है। मैं साफ कर देता हूं कि इस देश के गरीबों की जो जाति है, वही मेरी जाति है।’ बता दें कि शुक्रवार को ही मायावती ने मोदी पर हमला बोलते हुए कहा था कि पीएम राजनीतिक स्वार्थ के लिए जबरदस्ती पिछड़ी जाति के बने हैं। उन्होंने कहा कि अगर मोदी जन्म से पिछड़ी जाति के होते तो राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) उन्हें कभी भी प्रधानमंत्री नहीं बनाता।
‘हुआ तो हुआ’ पर कांग्रेस को पीएम ने फिर घेरा
कांग्रेस नेता सैम पित्रोदा के बयान ‘ हुआ तो हुआ’ को लेकर पीएम ने कांग्रेस पर एक बार फिर तीखा हमला बोला। पीएम मोदी ने कांग्रेस को घेरते हुए कहा कि ‘हुआ तो हुआ’ कहने वालों को ‘हवा हो जाओ’, ‘हवा हो जाओ’ कहने की हिम्मत जनता में है।
पीएम ने कांग्रेस को चेताते हुए कहा, ‘जब जनता जाग जाती है, जब वह इस अहंकार को पहचान जाती है तो फिर ‘हवा हो जाओ’ ही विकल्प बचता है।’
पटेल के बहाने कांग्रेस पर हमला
चुनावी रैली में सरदार बल्लभभाई पटेल का जिक्र करते हुए भी पीएम ने कांग्रेस को घेरा। मोदी ने कहा, ‘सरदार पटेल अगर देश के प्रधानमंत्री होते तो देश के किसानों की स्थिति कुछ और होती। हमने गुजरात में सरदार पटेल की सबसे ऊंची प्रतिमा बनाई तो ये लोग उसका भी विरोध करने लगे।’
‘ये विकास को रोकने वाले लोग हैं’
पीएम ने आगे कहा, ‘विकास के हर प्रयास का विरोध इन महामिलावटी लोगों की आदत है। जन धन योजना हो, स्वच्छ भारत अभियान हो, स्वास्थ्य से जुड़ी योजनाएं हों, घर बनाने से जुड़ी योजनाएं हों या फिर गरीबों से जुड़े हर काम, सब पर इन लोगों ने हमारा मजाक उड़ाया है या काम को रोकने की कोशिश की है।’
‘पहले पाकिस्तान सिर चढ़कर बोलता था’
आतंकवाद के मुद्दे को उठाते हुए मोदी ने कहा, ‘जब इनकी सरकारें थीं तो पाकिस्तान सिर पर चढ़कर बोलता था। आतंकी कहीं भी धमाके कर देते थे पर अब ऐसा नहीं होता क्योंकि यह नया भारत है और यह घर में घुसकर मारता है। आतंकवाद हो या फिर नक्सलवाद किसी भी समस्या को दूर करने के लिए मजबूर नहीं बल्कि मजबूत सरकार की जरूरत है।’
-एजेंसियां

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