‘मन की बात’ में मोदी ने कहा, दिल्‍ली में 26 जनवरी को तिरंगे का अपमान देखकर देश बहुत दुखी

नई दिल्‍ली। गणतंत्र दिवस के मौके पर लाल किले में हुई हिंसा पर पहली बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रतिक्रिया आई है। अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ में पीएम मोदी ने उपद्रवियों की हरकत का जिक्र किया। मोदी पद्म पुरस्‍कारों और ऑस्‍ट्रेलिया में भारतीय क्रिकेट टीम की जीत पर बात करने के बाद बोले, “दिल्‍ली में 26 जनवरी को तिरंगा का अपमान देख, देश बहुत दुखी भी हुआ।” 26 जनवरी को सैकड़ों किसान किले की प्राचीर तक पहुंच गए। उन्‍होंने वहां ठीक उस जगह पर दो झंडे लगा दिए, जहां हर साल 15 अगस्त पर प्रधानमंत्री तिरंगा फहराते हैं।
राष्‍ट्रपति ने भी घटना को बताया था ‘दुर्भाग्‍यपूर्ण’
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने भी 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस पर प्रदर्शनकारियों की ओर से लाल किले पर हुई घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया था। शुक्रवार को संसद के बजट सत्र के अभिभाषण के दौरान इस मुद्दे पर बोलते हुए उन्‍होंने लोगों से संविधान के नियम-कायदों का पालन करने की अपील की। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा, पिछले दिनों तिरंगे और गणतंत्र दिवस जैसे पवित्र दिन का अपमान बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। जो संविधान हमें अभिव्यक्ति की आजादी का अधिकार देता है, वही संविधान हमें सिखाता है कि कानून और नियम का भी उतनी ही गंभीरता से पालन करना चाहिए।
लाल किले पर आंदोलनकारियों ने किया था कब्‍जा
ट्रैक्‍टर परेड में शामिल आंदोलनकारियों ने भीतर घुसकर लाल किले की प्राचीर तक पहुंचने वाले सभी गलियारों पर कब्जे कर लिया था। उनकी संख्या सैकड़ों में थी। कई प्रदर्शनकारी गुंबदों पर भी चढ़ गए थे और वहां भी झंडे लगा दिए थे। बाद में सुरक्षा बलों ने इन झंडों को नीचे उतारा। प्रदर्शनकारियों ने किले के अंदर भी काफी तोड़फोड़ मचाई। साइन बोर्ड, मेटल डिटेक्टर गेट्स, टिकट के काउंटर और कुर्सियां…उपद्रवियों ने सब-कुछ तहस नहस कर दिया। टिकट काउंटर और प्रवेश गेट पर लगे शीशों के टुकड़े यहां बिखरे नजर आए। स्टील की रेलिंग्स को भी प्रदर्शनकारियों ने नुकसान पहुंचाया।
-एजेंसियां

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