मोदी-योगी की तस्‍वीरों के साथ मोबाइल फोन का विज्ञापन, मंत्री के भाई पर केस दर्ज

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मंत्री कपिल देव अग्रवाल के भाई के खिलाफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तस्वीरें लगाकर मोबाइल फोन का प्रचार करने के मामले में धोखाधड़ी और जालसाजी का मुकदमा दर्ज किया गया है।
कांग्रेस ने मंत्री को बर्खास्त करने और मामले की सीबीआई से जांच कराने की मांग की है।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि ललित अग्रवाल के खिलाफ गत 26 दिसंबर को हजरतगंज कोतवाली में धोखाधड़ी और जालसाजी का मामला दर्ज किया गया है। हालांकि अधिकारी इस बारे में ज्यादा जानकारी देने से बच रहे हैं।
इस बीच मंत्री अग्रवाल ने इस बारे में कहा कि उनके भाई को निशाना बनाया जा रहा है। इस मुकदमे में कोई दम नहीं है इसलिए उनके भाई सभी आरोपों से बरी हो जाएंगे।
क्या है मामला: आरोप है कि एक विज्ञापन एजेंसी के संचालक ललित अग्रवाल और उनके साथियों ने एक कथित स्वदेशी ब्रांड के मोबाइल फोन की लॉन्चिंग के लिए तैयार कराए गए होर्डिंग में अनाधिकृत रूप से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तस्वीरें लगाई थीं।
लखनऊ समेत कई शहरों में लगाई गई उन होर्डिंग को इस तरह तैयार किया गया था कि जैसे सरकार स्वदेशी मोबाइल फोन लॉन्च करने की तैयारी कर रही हो।
लांचिंग में शामिल हुए थे कई दिग्गज: सूत्रों ने बताया कि 22 दिसम्बर को मोबाइल की लांचिंग एक पांच सितारा होटल में की गई थी जिसमें कौशल विकास राज्य मंत्री कपिल देव अग्रवाल के अलावा राज्यमंत्री नीलिमा कटियार, सुल्तानपुर के लंभुआ के विधायक देवमणि द्विवेदी और लखनऊ के विधायक नीरज वोरा भी शामिल हुए थे।
हालांकि मोबाइल की होर्डिंग में प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री की फोटो से उठे सवाल के बीच विज्ञापन एजेंसी ने 26 दिसम्बर को अपने इस कृत्य के लिए माफी मांग ली थी और होर्डिंग हटा लिए थे।
इस बीच उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने कहा कि ‘लोकल फॉर वोकल’ की आड़ लेकर स्वदेशी के नाम पर जिस तरह सरकार के मंत्री ने पांच सितारा होटल में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मोबाइल फोन लांच किया। इस तरह उन्होंने बताया कि यह मोबाइल पूरी तरह स्वदेशी होने के साथ-साथ सरकार के कौशल विकास योजना का हिस्सा है, उससे साबित होता है कि उत्तर प्रदेश में भ्रष्टाचार चरम पर है।
लल्लू ने मांग की कि इस पूरे प्रकरण में दोषियों की गिरफ्तारी के साथ-साथ सीबीआई की जांच भी होनी चाहिए जिससे इस खेल में पर्दे के पीछे छिपे खिलाड़ी भी बेनकाब हो सकें।
-एजेंसियां

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