रूस के 10 Kamov-31 हेलीकॉप्‍टर पर रक्षा मंत्रालय की मुहर

नई दिल्ली। भारतीय नौसेना के लिए सरकार ने लिए रक्षा मंत्रालय ने शुक्रवार को रूस से 10 Kamov-31 हेलीकॉप्‍टरों के अधिग्रहण को मंजूरी दे दी। इस प्रोजेक्‍ट पर लगभग 3,600 करोड़ रुपये की लागत आएगी। इन हेलीकॉप्‍टरों का इस्‍तेमाल पूर्व चेतावनी तंत्र (airborne early warning) में किया जाएगा। भारतीय नौसेना ने अपने जहाजों को हवाई खतरों से बचाने के लिए इन हेलीकॉप्‍टरों की खरीद का प्रस्‍ताव रखा था।

भारतीय नौसेना के बेड़े में पहले से ही 12 Kamov-31 हेलीकॉप्‍टर मौजूद हैं। बता दें कि लोकसभा चुनावों के बावजूद नरेंद्र मोदी सरकार सेना के आधुनिकीकरण योजनाओं को प्रभावित नहीं होने दे रही है। सेनाओं के लिए रक्षा अधिग्रहण के सिलसिले में डिफेंस एक्विजीशन काउंसिल और सुरक्ष को लेकर कैबिनेट कमेटी की बैठकें लगातार हो रही हैं।

ये हेलीकॉप्‍टर बाकी चॉपरों की तुलना में बेहद हल्‍के और नियंत्रण करने में आसान हैं। इनसे दुश्‍मन वारहेड को तबाह करना काफी आसान है। ये हेलीकॉप्‍टर पनडुब्बी रोधी युद्ध में कारगर हैं। इन्‍हें भारतीय नौसेना के लिए रियल टाइम नेटवर्क केंद्रित युद्ध में बेजोड़ महारत हासिल है।

दरअसल, भारत अपनी सेना में पुराने पड़ चुके चीता और चेतक हेलीकॉप्टरों के स्थान पर कामोव हेलीकॉप्टरों की तैनाती चाहता है। इसी के चलते दिसंबर 2015 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रूस के दौरे के समय दोनों सरकारों के बीच Kamov-31 हेलीकॉप्टरों की खरीद को लेकर समझौता हुआ था। इनमें भारतीय सेनाओं की जरूरतों के लिहाज से काफी बदलाव किए गए हैं।
-एजेंसी

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