बिचौलिया Christian Michel क्‍या मोदी के लिए 2019 का सफर आसान करेगा ?

सियाचीन जैसे ऊंचाई वाले स्‍थानों पर जाने के लिए इतालवी कंपनी अगस्टा वेस्टलैंड के साथ वीवीआईपी हेलिकॉप्टर डील में हुए कथित घोटाले के बिचौलिए Christian Michel को भारत लाने में अंतत: केंद्र सरकार को सफलता मिल गई। राजनीतिक रूप से बेहद संवेदनशील इस कथित घोटाले के आरोपी के प्रत्‍यर्पण को केंद्र की मोदी सरकार अपनी बड़ी सफलता के रूप देख रही है। राफेल पर घिरी मोदी सरकार को उम्‍मीद है कि इस बिचौलिए से ऐसी जानकारी सामने आएगी जो उसके लिए 2019 का सफर आसान कर सकती है।
मिशेल के प्रत्‍यर्पण के महत्‍व का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि उसे एक विशेष विमान से मंगलवार रात 10.40 बजे दुबई से लाया गया।
यही नहीं, इस पूरी कार्यवाही पर राष्‍ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल की पूरी नजर थी। फिलहाल Christian Michel से सीबीआई हेडक्वॉर्टर में पूछताछ चल रही है। पूछताछ में मिशेल ने कहा है कि उसका प्रत्‍यर्पण अवैध है और उसका ‘अपहरण’ किया गया है। वह अब भी भ्रष्‍टाचार के आरोपों से इंकार कर रहा है।
सूत्रों के मुताबिक बुधवार को ही मिशेल को पटियाला हाउस कोर्ट के सामने पेश किया जाएगा। CBI और ED दोनों अदालत से मिशेल से हिरासत में पूछताछ की मांग करेंगे।
कौन है Christian Michel जेम्‍स और क्‍या उसका भारत कनेक्‍शन
क्रिश्चियन जेम्‍स मिशेल वीवीआईपी चॉपर डील में एक मुख्‍य आरोपी है। मिशेल एक बेहद लोकप्रिय ब्रिटिश सलाहकार है जिसे कथित रूप से इटली की कंपनी अगस्टा वेस्टलैंड ने भारतीय वायुसेना के शीर्ष अधिकारियों और यूपीए सरकार के मंत्रियों को प्रभावित करने के लिए हायर किया था। कंपनी को उम्‍मीद थी कि इससे उसे 3600 करोड़ की यह डील आसानी से मिल जाएगी। इस मामले में मिशेल तीन मुख्‍य आरोपियों में से एक है। इससे जुड़े दो अन्‍य आरोपियों के खिलाफ सीबीआई और ईडी जांच कर रही हैं।
Christian Michel के बारे में माना जाता है कि उसने भारत में कई डिफेंस डील में कंपनियों की मदद की थी, लेकिन अगस्ता वेस्टलैंड स्कैम से पहले उसका कभी खुलासा नहीं हुआ। मिशेल ने माना है कि वह फ्रांस के मिराज जेट की खरीदारी में कमीशन एजेंट रहा था और इटली की कंपनियों ने उसे भारत में ‘कामकाज’ करवाने के लिए 4.86 करोड़ डॉलर का भुगतान किया था। मिशेल के पिता भी 1970 और 80 के दशक में देश के हथियारों के बाजार में सक्रिय थे।
मिराज 2000 जेट बेचने के लिए 2.5 पर्सेंट कमीशन
भारतीय मार्केट से मिशेल के संबंध का पहला संकेत 1990 के दशक के अंत से मिलता है, जब उसने भारतीय वायु सेना को मिराज फाइटर जेट बेचने के लिए फ्रांस की कंपनी दसॉ के साथ एग्रीमेंट हासिल किया था। 24 सितंबर 1996 को साइन किए गए एग्रीमेंट के अनुसार मिशेल की फर्म कीजर इंक (पनामा में मौजूद) को भारत को मिराज 2000 जेट बेचने के लिए 2.5 पर्सेंट कमीशन मिलनी थी।
यह मामला उस समय सामने आया, जब मिशेल ने फ्रांस की एक अदालत में रकम का दावा करने के लिए मामला दर्ज कराया था। उनके इस दावे का फ्रांस की कंपनी ने यह कहकर विरोध किया था कि वास्तविक डील पर साइन होने से दो वर्ष पहले 1998 में कॉन्ट्रैक्ट खत्म हो गया था। भारत ने नवंबर 2000 में 10 नए मिराज 2000 फाइटर एयरक्राफ्ट का ऑर्डर दिया था, जिसकी वैल्यू 34.6 करोड़ डॉलर थी।
2005 से 2013 के बीच 180 बार किया भारत का दौरा
मिशेल के 2002 में इस मामले में हार का सामना करने के बाद भारत में डिफेंस से जुड़ी डील्स में उसके शामिल होने का पहली बार खुलासा हुआ था। सूत्रों का कहना है कि इसके बावजूद मिशेल हथियारों के बाजार में सक्रिय था। उसने वीवीआईपी हेलिकॉप्टर डील के लिए इसके बाद ही कोशिशें शुरू की थी। इस डील से पहले उसने 2005 से 2013 के बीच 180 बार भारत का दौरा किया।
इसके बाद इटली की कंपनी अगस्ता वेस्टलैंड को 2010 में यूपीए सरकार ने यह कॉन्ट्रैक्ट दिया और इसमें मिशेल की महत्वपूर्ण भूमिका थी। मिशेल को इसमें बड़ी कमीशन मिली थी। ईडी के मुताबिक इस डील से मिशेल को 225 करोड़ रुपये कमीशन मिला था। इस पैसे को उसने अपने ड्राइवर की मदद से बहुत से लोगों को बांटा। इसमें पूर्व एयर फोर्स चीफ एसपी त्‍यागी के रिश्‍तेदार समेत अन्‍य लोग शामिल थे।
2015 में इंटरपोल ने जारी किया रेड कॉर्नर नोटिस
इस कथित घोटाले के सामने आने के बाद Christian Michel के खिलाफ 2015 में इंटरपोल का रेड कॉर्नर नोटिस जारी हो गया। अथॉरिटीज ने मिशेल के खिलाफ जाली कॉन्ट्रैक्ट्स के जरिए रकम को रूट करने का मामला दर्ज किया है। इसमें पवनहंस हेलिकॉप्टर खरीदने का एक झूठा दावा भी शामिल है। इसके बाद से मिशेल दुबई में रह रहा था। भारतीय जांचकर्ताओं ने मिशेल से मिलने के लिए कई बार दुबई की यात्रा थी लेकिन उसने जांच में सहयोग नहीं किया।
भारतीय जांचकर्ताओं को शक है कि अगस्ता वेस्टलैंड से जुड़े वीवीआईपी हेलिकॉप्टर स्कैम में राजनेताओं को रिश्वत देने में उसने बड़ी भूमिका निभाई थी। अगस्ता वेस्टलैंड ने चयन प्रक्रिया में बदलाव करवाने के बाद कॉन्ट्रैक्ट प्राप्त करने में सफलता पाई थी। इस मामले में इटली की मिलान कोर्ट ने भी माना है कि अगस्ता वेस्टलैंड ने 44 मिलियन यूरो मिशेल को दिया है। यह पैसा वीवीआईपी चॉपर डील और भारतीय वायुसेना के अन्‍य हेलीकॉप्‍टरों के लिए कलपुर्जे के आपूर्ति के बदले दिए गए हैं।
बीजेपी और कांग्रेस का मिशेल कनेक्‍शन
इस कथित घोटाले में आरोपी बिचौलिए गिडो हश्के के पास से मिले हाथ से लिखे एक नोट से पता चला कि कुछ पैसा ‘फैमिली’ को दिया गया है। मिशेल ने इस नोट को फर्जी बताया था जबकि कांग्रेस ने आरोप लगाया कि बीजेपी केंद्रीय एजेंसियों का इस्‍तेमाल गांधी परिवार को निशाना बनाने के लिए कर रही है। अब मिशेल के प्रत्‍यर्पण के बाद बीजेपी को उम्‍मीद है कि वह कुछ इस घोटाले के संबंध कुछ ऐसा खुलासा करेगा जिससे उसे यूपीए सरकार के समय हुई इस डील से कांग्रेस को घेरने में आसानी होगी। बीजेपी ने इस प्रत्‍यर्पण को बड़ी कूटनीतिक जीत बताते हुए कहा है कि कांग्रेस और उसकी ‘फर्स्ट फैमिली’ गांधी परिवार के लिए मुसीबत बढ़ने वाली है। राफेल, नीरव मोदी, विजय माल्‍या को लेकर घिरी मोदी सरकार को उम्‍मीद है कि मिशेल के खुलासे से उसकी 2019 के लोकसभा चुनाव की राह आसानी होगी।
जानिए, कैसे हुआ यह घोटाला
इस मामले में मिशेल पर सह-आरोपियों के साथ मिलकर आपराधिक षड्यंत्र रचने का आरोप है। वीवीआईपी हेलिकॉप्टर डील में कथित घोटाले के सह आरोपियों में तत्कालीन वायुसेना प्रमुख एसपी त्यागी और उनके परिवार के सदस्य शामिल हैं। इसके तहत वीवीआईपी हेलिकॉप्टर की उड़ान भरने की ऊंचाई 6000 मीटर से घटाकर 4500 मीटर कर अपने सरकारी पद का दुरुपयोग करने का आरोप है। भारत सरकार ने 8 फरवरी 2010 को रक्षा मंत्रालय के जरिए ब्रिटेन की अगुस्टा वेस्टलैंड इंटरनैशनल लिमिटेड को लगभग 55.62 करोड़ यूरो का ठेका दिया था।
-एजेंसियां

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