लॉकडाउन से माइक्रोसॉफ्ट की भर्ती प्रक्रिया में बड़ी गिरावट

कोरोना को हराने और ज्यादा से ज्यादा लोगों को संक्रमण से बचाने के लिए देश में लॉकडाउन की स्थिति बनी हुई है।
दुनिया के कई देश कोरोना से निपटने के लिए लॉकडाउन का सहारा ले रहे हैं लेकिन लॉकडाउन का कई देशों को नुकसान उठाना पड़ रहा है।

लॉकडाउन से दिग्गज आईटी कंपनी माइक्रोसॉफ्ट की भर्ती प्रक्रिया में 46 फीसदी की गिरावट आई है। इसकी प्रोफेशनल करियर वेबसाइट लिंक्डइन केवल तीन नौकरियों की वैकेंसी दिखा रही है जबकि एक मार्च को लिंक्डइन पर नौकरियों की संख्या 510 थी।

डाटा प्लेटफॉर्म थिंकनम की रिपोर्ट के मुताबिक माइक्रोसॉफ्ट ने करियर वेबसाइट पर 22 मार्च को 5,580 नौकरियों की जानकारी दी थी जो कि 20 अप्रैल को घटकर 3,028 हो गई। थिंकनम के अनुसार लिंक्डइन में मंदी का माहौल है।

करियर वेबसाइट लिंक्डइन का राजस्व का मुख्य स्रोत नौकरियों की लिस्टिंग से आता है लेकिन कोरोना महामारी की वजह से उद्योगों और कंपनियों में नई नौकरियां बहुत कम निकली है। माइक्रोसॉफ्ट अकेली ऐसी कंपनी नहीं है जहां नई नौकरियों में कमी आई है, गूगल भी इसकी चपेट में है।

गूगल ने साल 2019 में 20,000 कर्मचारियों को काम पर रखा था और 2020 में भी इतनी ही संख्या में भर्ती करने की उम्मीद थी लेकिन गूगल ने फिलहाल इस योजना पर रोक लगा दी है।

हायरिंग लैब में मुख्य अर्थशास्त्री जेड कोलको का कहना है कि इस महामारी के चलते कर्मचारियों की मांग कम हुई है। मार्च के दूसरे हफ्ते से खासा कमी देखने को मिली है। 2019 की तुलना में अमेरिका में इस साल 10 अप्रैल तक जॉब मार्केट में 30 प्रतिशत की गिरावट देखने को मिली।
गौरतलब है कि लिंक्डइन की एक रिपोर्ट के मुताबिक भारत में एक चौथाई कर्मचारियों की आय में कमी देखी जा सकती है जबकि 39 फीसदी कर्मचारियों की व्यक्तिगत बचत पर भी असर पड़ सकता है।
कई क्षेत्र में 50 फीसद तक नौकरियों में कमी
कोरोना लॉकडाउन की वजह से भारत में नई भर्तियों में बड़ी गिरावट देखने को मिल सकती है। जॉब्सस्पीक इंडेक्स की रिपोर्ट के मुताबिक कई क्षेत्रों में नौकरियों में 50 प्रतिशत तक गिरावट आई है। ये रिपोर्ट मंगलवार को आई है।

विमानन, यात्रा उद्योग के अलावा रिटेल, ऑटो, बीमा, फाइनेंस, फार्म भी बुरी तरह से प्रभावित हैं। मार्च में काम पर रखने की गतिविधि में 18 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।

इंडेक्स के मुताबिक 13 से 16 वर्ष का अनुभव रखने वाले सीनियर मैनेजमेंट और लीडरशिप जैसी नौकरियों में 29 प्रतिशत की गिरावट देखी गई है जबकि 8 से 12 साल के अनुभव वाली नौकरियों में 20 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है।

-एजेंसियां

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