मथुरा: राखी की मौत के बाद कानून-व्यवस्था घेरे में, एसएचओ सस्पेंड

मथुरा। 6 महीने तक इंसाफ की आस में प्रशासनिक दफ्तरों और पुलिस विभाग का चक्कर काटने को मजबूर बनी एक बेटी ने सिस्टम से हार कर मौत को गले लगा लिया। मथुरा में इंसाफ की आस में भटकती राखी ने व्यवस्था और कानून की हीला हवाली से हार कर जान दे दी। राखी की मौत के बाद एक बार फिर कानून व्यवस्था घेरे में आई, तो अब राज्य सरकार डिफेंसिव मूड में दिखने लगी है।
पूर्व सीएम अखिलेश यादव समेत कई राजनेताओं ने राखी की मौत पर संवेदना व्यक्त करते हुए सरकार पर ही दोषारोपण किया है लेकिन सवाल ये कि क्या देश और प्रदेश की कानून व्यवस्थाएं इतनी लचर हैं कि किसी पीड़ित परिवार के सदस्य को इंसाफ ने मिलने के कारण आत्महत्या जैसा कदम उठाना पड़ जाए।
मार्च 2017 का है मामला
दरअसल, ये घटना 8 मार्च 2017 की है जब मथुरा की अमर कॉलोनी में रहने वाले बनवारी लाल के घर में कुछ बदमाशों ने घुसकर पहले लूटपाट की और उसके बाद बनवारी लाल और उनकी पत्नी की हत्या कर दी। अमर कॉलोनी के इस मकान में बनवारी लाल अपनी पत्नी और तीन बच्चों के साथ रहते थे। इस हत्याकांड के बाद पुलिस ने मामला दर्ज किया और कार्यवाही करने के आश्वासन दिए जाते रहे लेकिन सत्य ये था कि खुलासे के तमाम दबावों के बाद भी पुलिस ने इस मामले में शामिल लोगों को खोजने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई।
धरने से बैठने के बाद भी नहीं मिला इंसाफ
15 मई 2017 को मथुरा में जूलर्स लूट और मर्डर केस के बाद एक बार फिर पुलिस पर अमर कॉलोनी हत्याकांड के दोषियों को पकड़ने का दबाव बना पर अधिकारी इस बार फिर मामले की लीपापोती करते रह गए। इंसाफ की आस में बनवारी लाल के बच्चों का सब्र जवाब देने लगा, तो राखी समेत वह धरने पर बैठ गए। धरने में कई सामाजिक संगठनों के लोगों ने भी सहभागिता की लेकिन प्रशासन ने कार्यवाही कराने का भरोसा देते हुए धरना खत्म करा दिया। इसके बावजूद जब पुलिस की कार्यवाही में कुछ नहीं निकला तो अक्टूबर में राखी ने सिस्टम और जिंदगी दोनों से हारकर आत्महत्या कर ली।
राखी की मौत के बाद सरकार ने ली सुध
राखी की मौत के बाद पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव समेत तमाम सियासी नेताओं ने योगी सरकार के दावों को घेर लिया। अखिलेश ने कहा कि वर्तमान सरकार में लोगों को न्याय ना मिलने के कारण आत्महत्या करनी पड़ रही है। बीजेपी पर निशाना साधते हुए अखिलेश ने कहा कि बीजेपी जाति और धर्म के नाम पर राजनीति करके सरकार में आई है। वहीं चौतरफा आलोचनाओं से घिरी प्रदेश सरकार ने अब कार्यवाही के नाम पर मथुरा के एसएचओ (हाइवे) को सस्पेंड कर दिया है। इसके अलावा प्रदेश सरकार के मंत्री श्रीकांत शर्मा ने भी राखी के परिवार को 5 लाख रुपए का मुआवजा देने का ऐलान किया है।
-Legend News