Maruti की बड़ी घोषणा, अगले साल से डीजल कारों का उत्‍पादन बंद

नई दिल्ली। Maruti ने आज एक बड़ी घोषणा की है। Maruti का कहना है कि वह अगले साल डीजल कारों का उत्पादन बंद कर रही है। अगले साल से नए बीएस-6 मानक लागू होने हैं, लेकिन उससे पहले ही Maruti डीजल कारों का उत्पादन बंद कर देगी।
Maruti सुजुकी ने आज 2018-19 की चौथी तिमाही के परिणामों का एलान करते हुए कहा कि वह अगले साल 01 अप्रैल 2020 से डीजल कारों को बनाना बंद कर देगी। Maruti के चेयरपर्सन आरसी भार्गव ने न्यूज़ एजेंसी पीटीआई को बताया कि वह 1500 सीसी से नीचे की कारों में डीजल इंजन नहीं देगी। उन्होंने कहा कि 1500 सीसी इंजन से नीचे की कारों में डीजल इंजन का कोई भविष्य नहीं है।
हालांकि भार्गव ने यह जरूर कहा कि अगर इस सेगमेंट में मांग बनी रहती है, तभी मारुति डीजल इंजन का उत्पादन जारी रखेगी। Maruti हर साल 450,000 डीजल कारें बेचती है, जो उसकी सालाना बिक्री का 30 प्रतिशत है। माना जा रहा है कि मारुति डीजल कारों की बजाय पेट्रोल और सीएनजी कारों पर फोकस करेगी। वहीं मारुति कुछ नए मॉडल्स को सीएनजी वैरियंट के साथ लांच करेगी।
मारुति ने 6.1 प्रतिशत की ग्रोथ के साथ इस साल 31 मार्च तक 17.35 लाख कारों की बिक्री की है। इनमें से 17.29 लाख यात्री वाहन हैं। वहीं मारुति ने हाल ही में अपनी एंट्री लेवल हैचबैक कार ऑल्टो और प्रीमियम हैचबैक बलेनो को बीएस-6 इंजन के साथ लांच किया है। हालांकि वाहनों के लिए भारतीय उत्सर्जन मानक अगले साल अप्रैल से लागू होने हैं, लेकिन उससे पहले ही मारुति अपनी कारों की बीएस-6 इंजन के साथ लांच करना चाहती है। इसके अलावा जल्द ही मारुति स्विफ्ट और डिजायर भी बीएस-6 इंजन के साथ लॉन्च होंगी।
घोषणा के साथ ही गिरे कंपनी के शेयर
इस घोषणा के साथ ही शेयर बाजार में तत्काल प्रतिक्रिया देखने को मिली। बाजार में कंपनी का शेयर एक फीसदी गिर गया।
आज कारोबार खुलते ही कंपनी का शेयर 1.38 फीसदी की गिरावट के साथ 7014.25 पर खुला था। फिलहाल यह एनएसई पर 6905.25 पर बंद हुआ। वहीं बीएसई पर 7019 पर खुला था और 156 रुपये की गिरावट के साथ 6868.05 पर बंद हुआ।
गिर गया लाभ
मारुति ने आज ही मार्च 2019 में समाप्त हुई चौथी तिमाही के नतीजों की घोषणा की है। नतीजों के अनुसार चौथी तिमाही में कंपनी का लाभ गिर गया और इसमें 4.6 फीसदी की गिरावट देखने को मिली। कंपनी का शुद्ध लाभ पिछले साल समान तिमाही में 1882.10 करोड़ रुपये था। इस तिमाही के दौरान कंपनी का रेवेन्यू मामूली बढ़त के साथ 21,459 करोड़ रुपये हो गया।
तिमाही के दौरान कंपनी की बिक्री मामूली बढ़कर 20,737.5 करोड़ रुपये पर पहुंच गई। समीक्षाधीन अवधि में कंपनी की कुल कार बिक्री मामूली गिरावट के साथ 4,58,479 इकाई रह गई। वित्त वर्ष के दौरन कंपनी की शुद्ध बिक्री 6.3 फीसदी बढ़कर 83,026.5 करोड़ रुपये पर पहुंच गई।
वित्त वर्ष 2018-19 में कंपनी की कुल वाहन बिक्री 4.7 फीसदी बढ़कर 18,62,449 इकाई पर पहुंच गई। इसमें से निर्यात का आंकड़ा 1,08,749 इकाई का रहा।
कंपनी ने कहा कि तिमाही के दौरान उसे प्रतिकूल विदेशी विनिमय दर, जिंसों के ऊंचे दाम, ऊंचे मूल्यह्रास जैसी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। साथ ही उसका प्रचार अभियान पर खर्च भी बढ़ा। लागत कटौती के प्रयासों से इसकी आंशिक भरपाई की गई। कंपनी के निदेशक मंडल ने 2018-19 के लिए 80 रुपये प्रति शेयर के लाभांश की सिफारिश की है।
इस वजह से बंद होगा उत्पादन
कंपनी ने कहा है कि अप्रैल 2020 से बीएस 6 उत्सर्जन मानक के लागू होने के बाद डीजल गाड़ियां काफी महंगी हो जाएंगी। इसके चलते उनका उत्पादन करना फायदेमंद नहीं रहेगा। कंपनी इसलिए अपनी सभी सेडान, एसयूवी, एमयूवी में केवल पेट्रोल इंजन का प्रयोग करेगी।
बढ़ाई बलेनो की कीमत
मारुति सुजुकी इंडिया (एमएसआई) ने बृहस्पतिवार को कहा कि उसने बलेनो डीजल और आरएस पेट्रोल संस्करण की कीमत में 15,000 रुपये तक का इजाफा किया है। कंपनी द्वारा बढ़ाई गई यह कीमतें तत्काल रूप से प्रभावी होंगी। कंपनी ने नियामकीय सूचना में कहा कि एक लीटर बूस्टर जेट पेट्रोल इंजन के साथ आने वाली बलेनो आरएस की कीमत अब 8.88 लाख रुपये है, जो पहले 8.76 लाख रुपये थी। वहीं, बलेनो डीजल संस्करण की कीमत 6.73 लाख रुपये से 8.73 लाख रुपये के बीच होगी।
पहले इस संस्करण की कीमत 6.61 लाख रुपये से 8.60 लाख रुपये के बीच थी। हालांकि कंपनी ने कीमतों में बढ़ोत्तरी का कारण नहीं बताया है। इससे पहले चालू सप्ताह के दौरान कंपनी ने बीएस-6 मानकों के अनुकूल पेट्रोल इंजन के साथ बलेनो को पेश किया था। कंपनी ने इसकी कीमत 5.58 लाख रुपये से 8.9 लाख रुपये के बीच रखी है।
-एजेंसियां

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