नागालैंड में सुरक्षाबलों की कार्रवाई से कई लोगों की मौत: उच्च स्तरीय जांच कमेटी का गठन, सेना ने भी कोर्ट ऑफ इन्क्वॉयरी का आदेश दिया

नगालैंड के मोन ज़िला अंतर्गत ओटिंग इलाक़े में शनिवार रात सुरक्षाबलों की कार्रवाई से कई आम लोगों के मारे जाने की ख़बर है.
आधिकारिक रूप से अभी तक ये नहीं बताया गया है कि कितने लोगों की मौत हुई है लेकिन समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार कम से कम 11 आम लोग मारे गए हैं.
नगा पीपल्स फ्रंट पार्टी के नेता और राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री टी. आर. ज़ेलियांग के अनुसार 13 लोगों की मौत हुई है.
इस घटना पर देश के गृह मंत्री और राज्य के मुख्यमंत्री ट्वीट करके दुख जता चुके हैं और एक उच्च स्तरीय जांच कमेटी के गठन की बात कही गई है.
राज्य के मुख्यमंत्री नेफ़ियू रियो ने ट्वीट करके बताया है कि मोन ज़िले के ‘ओटिंग में आम लोगों का मारा जाना बेहद दुखद है और वो इसकी निंदा करते हैं.’
समाचार एजेंसी पीटीआई ने बताया है कि सेना ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण घटना बताते हुए खेद जताया है. सेना की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि पूरे मामले की उच्चस्तरीय जाँच की जाएगी. आर्मी ने कोर्ट ऑफ इन्क्वॉयरी का आदेश दिया है.
मोन क्षेत्र को नगा समूह एनएससीएन (के) और उल्फा का गढ़ माना जाता है. ये घटना राज्य में मनाए जाने वाले लोकप्रिय पर्व “हॉर्नबिल फ़ेस्टिवल” से ठीक पहले हुई है. इस पर्व में हिस्सा लेने के लिए कई राजनयिक पहले से ही राज्य में मौजूद हैं.
नगा पीपल्स फ्रंट पार्टी के नेता और राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री टी. आर. ज़ेलियांग ने ट्वीट कर इस घटना की निंदा की है और मामले की जांच के लिए आयोग के गठन की मांग की है.
उन्होंने लिखा- ”मैं ओटिंग (मोन) में हुई बेगुनाहों की हत्याओं की कड़ी निंदा करता हूँ. इस नरसंहार के लिए किसी तरह का कोई बहाना नहीं हो सकता. रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में एक जाँच आयोग तुरंत गठित किया जाए और इसमें शामिल सुरक्षाकर्मियों के ख़िलाफ़ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए.”
अपने दूसरे ट्वीट में उन्होंने कहा कि ”एक सभ्य समाज, जहाँ हम सभी शांति और अमन से रहना चाहते हैं, वहां सुरक्षाबलों की ओर से हुई ये क्रूरता दुर्भाग्यपूर्ण है. इस घटना में मारे गए 13 लोगों के शोकाकुल परिवार के प्रति मैं सहानूभूति व्यक़्त करता हूँ और मेरी प्रार्थना है कि घायलों के स्वास्थ्य में जल्द से जल्द सुधार हो.”
ईस्टर्न नगालैंड पीपल्स ऑर्गेनाइज़ेशन के अध्यक्ष केकोंगचिम यिमयुंगर ने बीबीसी से बात करते हुए कहा, “अभी हमें इस घटना में 14 लोगों के मारे जाने की जानकारी मिली है और कई लोग घायल हैं. कई लोग लापता बताए जा रहे हैं. हम सही सूचना का इंतज़ार कर रहे हैं.”
केकोंगचिम के मुताबिक घटनास्थल के पास संपर्क नहीं हो पा रहा है. वहाँ इंटरनेट और एसएमएस सेवा बंद कर दी गई है. ईएनपीओ ने इस घटना की आलोचना की है. बीबीसी से बात करते हुए केकोंगचिम ने कहा कि पूरी जानकारी मिलने के बाद ही हम तय करेंगे की आगे क्या करना है.
समाचार एजेंसी एएनआई ने असम राइफ़ल्स के एक अधिकारी के हवाले से बताया है कि इस घटना में एक सुरक्षाबल की भी मौत हुई है और कई जवान घायल हुए हैं.
नागालैंड के मुख्यमंत्री और अमित शाह ने क्या कहा
मुख्यमंत्री रियो ने कहा है कि वो मारे गए लोगों के शोकाकुल परिवारों के प्रति अपनी संवेदनाएं प्रकट करते हैं और घायलों के जल्दी ठीक होने की प्रार्थना करते हैं. जाँच के लिए उच्च स्तरीय एसआईटी का गठन कर दिया गया है और क़ानून के अनुसार न्याय किया जाएगा, सभी पक्षों से शांति बनाए रखने की अपील है.
इस घटना पर देश के गृह मंत्री अमित शाह ने भी ट्वीट करके दुख जताया है.
उन्होंने कहा है कि इस मामले की जांच के लिए एक उच्च स्तरीय एसआईटी टीम का गठन कर दिया गया है जो शोकाकुल परिवारों के लिए न्याय सुनिश्चित करेगी.
समाचार एजेंसी एएनआई ने असम राइफ़ल्स के अधिकारियों के हवाले से बताया है कि ‘मोन ज़िले के तिरु में उग्रवादियों की उन्हें पुख़्ता ख़ुफ़िया जानकारी मिली थी जिसके बाद अभियान शुरू किया गया. जानों के नुक़सान के कारण की जाँच कोर्ट ऑफ़ इन्क्वायरी करेगी और उचित कार्रवाई की जाएगी.’
-एजेंसियां

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