मोदी के इस एक शब्द से चिढ़ गए विपक्षी दलों के तमाम नेता

नई दिल्ली। पीएम मोदी ने सदन सोमवार को राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर पेश धन्यवाद प्रस्ताव पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए ‘आंदोलनजीवी’ शब्द का प्रयोग किया। पीएम के इस शब्द से प्रशांतभूषण से लेकर कांग्रेस तक को मिर्ची लग गई। इतना ही नहीं, यह शब्द ट्विटर पर ट्रेंड भी करने लगा। पीएम मोदी ने सदन में कहा कि पिछले कुछ समय से इस देश में ”आंदोलनजीवियों” की एक नई जमात पैदा हुई है जो आंदोलन के बिना जी नहीं सकती।
प्रशांत भूषण ने ट्वीट कर कसा पीएम पर तंज
वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण में पीएम नरेंद्र मोदी के राज्यसभा में अपने संबोधन के दौरान आंदोलनजीवी वाले बयान की आलोचना की है। प्रशांत भूषण ने ट्वीट कर कहा कि जो कल तक कहते थे कि “मैंने अपना राजनीतिक कैरियर आंदोलन करके बनाया है”, वह आज हमारे किसानों को नीचा दिखाने के लिए ‘आंदोलन जीवी’ कह रहे हैं।
कांग्रेस ने भी किया पीएम के बयान का विरोध
कांग्रेस ने भी ट्वीट कर पीएम मोदी के आंदोलनजीवी वाले बयान का विरोध किया। कांग्रेस जिस विचारधारा के लोगों ने आजादी के संघर्ष में अपना योगदान नहीं दिया है, उन लोगों को आंदोलन की कीमत कभी समझ नहीं आएगी।
किसी भी आंदोलन में जा कर बैठ जाते हैं
मोदी ने कहा कि देश श्रमजीवी और बुद्धिजीवी जैसे शब्दों से परिचित हैं, लेकिन पिछले कुछ समय से इस देश में एक नई जमात पैदा हुई है और वह है ”आंदोलनजीवी”। उन्होंने कहा, ”वकीलों का आंदोलन हो या छात्रों का आंदोलन, या फिर मजदूरों का। ये हर जगह नजर आएंगे। कभी परदे के पीछे, कभी परदे के आगे। यह पूरी टोली है जो आंदोलन के बिना जी नहीं सकते। हमें ऐसे लोगों को पहचानना होगा। वह हर जगह पहुंच कर वैचारिक मजबूती देते हैं और गुमराह करते हैं। ये अपना आंदोलन खड़ा नहीं कर सकते और कोई करता है तो वहां जाकर बैठ जाते हैं। यह सारे आंदोलनजीवी परजीवी होते हैं।”
आंदोलन करना आपका हक लेकिन बुजुर्गों को ले जाइए
उन्होंने कहा, ”हम आंदोलन से जुड़े लोगों से लगातार प्रार्थना करते हैं कि आंदोलन करना आपका हक है, लेकिन बुजुर्ग भी वहां बैठे हैं। उनको ले जाइए, आंदोलन खत्म करिए। आगे मिल बैठ कर चर्चा करेंगे, सारे रास्ते खुले हैं। यह सब हमने कहा है और आज भी मैं इस सदन के माध्यम से निमंत्रण देता हूं।” उन्होंने कहा, ”यह, खेती को खुशहाल बनाने के लिए फैसले लेने का समय है और इस समय को हमें नहीं गंवाना चाहिए। हमें आगे बढ़ना चाहिए, देश को पीछे नहीं ले जाना चाहिए।”
-एजेंसियां

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