सितार वादन के लिए मंजू मेहता को मिला राष्ट्रीय तानसेन सम्मान

ग्‍वालियर। प्रख्यात सितार वादक मंजू मेहता को वर्ष 2018 के राष्ट्रीय तानसेन सम्मान से अलंकृत किया गया है. मध्य प्रदेश सरकार के संस्कृति विभाग द्वारा हिन्दुस्तानी शास्त्रीय संगीत के क्षेत्र में दिये जाने वाले इस सम्मान के अंतर्गत मंजू को यहां मंगलवार की रात आयोजित समारोह में केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने दो लाख रुपये की राशि, सम्मान पट्टिका एवं शॉल-श्रीफल प्रदान किया. इस सम्मान समारोह के साथ ही 5 दिन तक चलने वाले तानसेन संगीत समारोह की शुरुआत भी हो गई.
ग्वालियर में पिछले 94 वर्ष से तानसेन संगीत समारोह लगातार जारी है. इसी समारोह में संगीत धरोहर को सहेजकर सुरक्षित रखने वाले वाराणसी के श्री संकट मोचन प्रतिष्ठान को वर्ष 2017 का राष्ट्रीय राजा मानसिंह तोमर सम्मान दिया गया. प्रतिष्ठान की ओर से यह सम्मान विशंभरनाथ मिश्रा ने लिया.
वहीं, संगीत धरोहर को सुरक्षित रखने के लिए वर्ष 2018 का राष्ट्रीय राजा मानसिंह तोमर सम्मान दिल्ली के नटरंग प्रतिष्ठान को दिया गया. नटरंग प्रतिष्ठान की ओर से यह सम्मान रश्मि वाजपेयी ने लिया.
सम्मान समारोह में संस्कृति विभाग की आयुक्त रेनू तिवारी ने 5 दिन तक चलने वाले तानसेन संगीत समारोह के शुरू होने की घोषणा की. समारोह में तानसेन सम्मान से सम्मानित मंजू मेहता ने अपने सितार वादन की प्रस्तुति भी दी.
राजस्थान के भट्ट परिवार में जन्मी मंजू मेहता ने संगीत की शिक्षा अपने भाई विश्व मोहन भट्ट से ली और सितार वादन पंडित रविशंकर से सीखा है. 74 वर्षीया मंजू मेहता अपने पति नंदन मेहता के साथ अहमदाबाद में एक संगीत सप्तक स्कूल भी चलाती हैं. वह ऑल इंडिया रेडियो और टेलीविजन की ए ग्रेड कलाकार हैं और उन्होंने जोधपुर विश्वविद्यालय में संगीत अध्यापन भी किया है.
-एजेंसियां

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