लोन के पैसों से माल्‍या ने फ्रांस में खरीदी 140 करोड़ रुपये मूल्‍य की हवेली

नई दिल्‍ली। शराब कारोबारी विजय माल्या की फ्रांस में एक हवेली है जिसमें 17 बेडरूम, एक सिनेमा हॉल, प्राइवेट हैलिपेड और अपना नाइट क्लब तक है। अब कर्ज नहीं चुकाने पर माल्या के खिलाफ मुकदमा लड़ रहे बैंकों में एक ने आरोप लगाया है कि माल्या इस हवेली का रिपेयरिंग नहीं करवा रहे हैं ताकि इसकी हालत बद से बदतर हो जाए।
हवेली खरीदने में लगाए लोन के 140 करोड़ रुपये
माल्या ने अपनी कंपनी गिज्मो इन्वेस्ट एसए के जरिए 2008 में ‘ल गॉ जादां’ नाम की यह हवेली खरीदी थी। इसके लिए उन्होंने कतर नेशनल बैंक की एक यूनिट अंसबाचर एंड कंपनी से मिली लोन फैसिलिटी में से 3 करोड़ डॉलर (करीब 140 करोड़ रुपये) खर्च किए थे। बैंक ने लंदन हाई कोर्ट को बताया कि माल्या की कंपनी गिज्मो यह लोन चुकाने में असफल रही है। बैंक कोर्ट से मांग कर रहा है कि वह माल्या को अपना 50 मीटर का सुपरयाट बेचने को कहे जिसे अभी साउथ इंग्लैंड में जब्त कर रखा गया है। बैंक का कहना है कि 26 करोड़ रुपये के लोन सिक्यॉरिटी के रूप में इसी बोट को गिरवी पर रखा गया था।
प्रॉपर्टी की हालत खराब
बैंकों का पक्ष रख रहे वकील गिडन शिराजी ने एक कोर्ट डॉक्युमेंट्स में कहा कि सितंबर 2015 तक जब लोन बकाया था तब तक माल्या पर ब्रिटिश मल्टिनेशनल कंपनी डायाजियो पीएलसी ने 10 करोड़ डॉलर (करीब 650 करोड़ रुपये) जबकि भारतीय बैंकों ने करीब 9 हजार करोड़ रुपये का मुकदमा कर रखा था। उस वक्त फ्रेंच आइलैंड इल सैंत मार्ग्युरिट में 1.3 हेक्टेयर की प्रॉपर्टी जीर्ण-शीर्ण अवस्था में जा रही थी।
घट चुकी है प्रॉपर्टी की कीमत
वकील ने बताया कि इंटीरियर डिजाइनर और बिल्डर इस प्रॉपर्टी की रिपेयरिंग में जुटे। माल्या जब लोन देने का अनुरोध किया तो बैंक ने उस प्रॉपर्टी की जांच करवाई। रियल एस्टेट एजेंट्स ने पाया कि इसकी कीमत इसकी कीमत 1.11 करोड़ डॉलर (करीब 72 करोड़ रुपये) घट चुकी थी।
बैंक के मुताबिक, प्रॉपर्टी के रंग-रोगन का काम अब भी बाकी है। माल्या और कतर नेशनल बैंक ने इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। माल्या की तरफ से कोर्ट में कोई मौजूद नहीं था। क्रू मेंबर्स को सैलरी नहीं दिए जाने पर याट को जनवरी 2018 में इंश्योरेंस कंपनी स्कल्ड ने जब्त कर लिया था। अब हवेली भी बिक्री के लिए रखी दी गई है।
भारतीय बैंकों के पैसे लेकर भागा माल्या
माल्या को लंदन में 2017 में गिरफ्तार किया गया था। उस पर भारत के 17 बैंकों का 9 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा बकाया है। उसने यह लोन अपनी किंगफिशर एयरलाइंस के लिए लिए थे जो 2012 में बंद हो गई। पिछले महीने 12 बैंकों ने लंदन कोर्ट से गुहार लगाई थी कि वह माल्या को दिवालिया घोषित करे। तब माल्या के वकील ने दलील दी थी कि जब तक उसके मुवक्किल के प्रत्यर्पण केस पर फैसला नहीं आ जाता, तब तक बैंकों की अपील पर सुनवाई नहीं होनी चाहिए।
-एजेंसियां

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