भारतीय सेना का बड़ा फैसला: सभी एयर डिफेंस यूनिट बॉर्डर के करीब ले जाना तय

नई दिल्‍ली। जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में हुए आतंकी हमले के बाद से भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव है। इस बीच भारतीय सेना ने एक बड़ा फैसला लेते हुए अब अपने सभी एयर डिफेंस यूनिट को बॉर्डर के करीब ले जाना तय किया है।
बालाकोट एयरस्ट्राइक के बाद पाकिस्तान के कुछ विमान इस ओर घुस आए थे, ऐसे में ये उसी का जवाब माना जा रहा है।
भारतीय सेना ने दुश्मन के हवाई हमलों को नाकाम करने के लिए जम्मू और कश्मीर, पंजाब, गुजरात और राजस्थान में तैनात अपनी एयर डिफेंस यूनिट्स को पाकिस्तान की सीमा के निकट स्थित स्थानों पर ले जाने का फैसला किया है।
खबरों के मुताबिक नियंत्रण रेखा के पार जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी शिविरों को निशाना बनाकर बालाकोट में भारतीय वायु सेना द्वारा की गई एयर स्ट्राइक के बाद पाकिस्तान के साथ हालिया संघर्ष की आंतरिक समीक्षा के बाद यह निर्णय लिया गया है।
ये फैसला सेना में एक बड़ी बैठक के बाद हुआ है, जिसमें सेना प्रमुख बिपिन रावत समेत बड़े अधिकारी मौजूद थे। इस बैठक में बॉर्डर पर लगे एयर डिफेंस यूनिट का रिव्यू किया गया। बैठक में सामने आया कि अगर दोबारा भविष्य में कभी बालाकोट के बाद जैसी स्थिति पैदा होती है तो इनका इस्तेमाल किया जा सके। अभी ये सभी यूनिट बॉर्डर से दूर हैं और हर तनावपूर्ण जगह पर मौजूद हैं।
वहीं एक रिपोर्ट सामने आई है कि सीमा के समीप सामरिक रूप से महत्वपूर्ण शकरगढ़ सेक्टर में करीब 300 पाकिस्तानी टैंक अभी भी तैनात हैं।
दरअसल, बालाकोट में जब भारत ने एयरस्ट्राइक की थी तो उसके अगले ही दिन पाकिस्तान ने अपने कई लड़ाकू विमानों को भारत में भेजा था। भारत आए लड़ाकू विमानों ने सेना के स्थान के पास कुछ बम भी गिराए थे। हालांकि, इससे कोई नुकसान नहीं पहुंचा था और भारत ने इस हमले का मुंहतोड़ जवाब भी दिया था।
जम्मू-कश्मीर में जब 14 फरवरी को जैश-ए-मोहम्मद के आतंकियों ने सीआरपीएफ के काफिले पर हमला किया था, तो 40 जवान शहीद हुए थे। इसी के जवाब में भारत ने 26 फरवरी को बालाकोट में एयरस्ट्राइक की थी। इसके अगले दिन पाकिस्तान ने अपने कुछ लड़ाकू विमानों को भारत की सीमा के करीब भेजा और वह बम गिराकर चले गए। इसी दौरान जब पाकिस्तान के लड़ाकू विमान का पीछा करने भारत का विमान गया तो विंग कमांडर अभिनंदन उस ओर गिर गए थे। जिसको लेकर भारत-पाकिस्तान का तनाव बढ़ गया था, हालांकि दो दिन बाद अभिनंदन वापस भारत लौट आए थे।
-एजेंसियां

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