कानपुर शूटआउट का मुख्‍य आरोपी विकास दुबे उज्‍जैन में गिरफ्तार

मंदिर परिसर में पुलिस के आने का इंजतार करता 5 लाख का इनामी विकास दुबे
मंदिर परिसर में पुलिस के आने का इंजतार करता 5 लाख का इनामी विकास दुबे

भोपाल। कानपुर में आठ पुलिकर्मियों की हत्या के मुख्य अभियुक्त विकास दुबे को मध्य प्रदेश के उज्जैन से गिरफ़्तार कर लिया गया है।
मध्य प्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्र ने विकास दुबे की गिरफ़्तारी की पुष्टि की है लेकिन ज़्यादा जानकारी देने से इंकार कर दिया।
विकास दुबे की गिरफ़्तारी को नरोत्तम मिश्र ने मध्य प्रदेश पुलिस की बड़ी क़ामयाबी बताया है। उन्होंने बताया कि विकास दुबे अभी मध्य प्रदेश पुलिस की कस्टडी में है।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी विकास दुबे को गिरफ़्तार करने के लिए मध्य प्रदेश पुलिस को बधाई दी है।
उन्होंने ट्वीट किया है, “जिनको लगता है कि महाकाल की शरण में जाने से उनके पाप धुल जाएंगे उन्होंने महाकाल को जाना ही नहीं। हमारी सरकार किसी भी अपराधी को बख़्शने वाली नहीं है।”
बताया जा रहा है कि विकास दुबे को उज्जैन के महाकाल मंदिर के सुरक्षाकर्मियों ने पकड़कर मध्य प्रदेश पुलिस को सौंपा।
ये भी कहा जा रहा है कि विकास दुबे ने महाकाल मंदिर में पहुंचने की सूचना किन्हीं स्रोतों से ख़ुद पुलिस तक पहुंचाई थी।
पुजारी ने विस्‍तार से बताया पूरा घटनाक्रम
वारदात के आठ दिनों बाद हुई गिरफ्तारी कैसे हुई इसका पूरा वाक्या महाकाल मंदिर के पुजारी ने विस्तार से बताया है।
महाकाल मंदिर के पुजारी आशीष ने बताया कि एनकाउंटर के डर से विकास दुबे खुद से सरेंडर करना चाहता था। मंदिर परिसर में पहुंचने के बाद विकास दुबे चिल्ला-चिल्लाकर कहने लगा कि वह ही विकास दुबे है। उसने महाकाल मंदिर के सुरक्षाकर्मियों से कहने लगा कि पुलिस को सूचना दी जाए।
पुजारी आशीष ने बताया कि मंदिर परिसर में तैनात सुरक्षाकर्मियों को लगा कि इस शख्स की शक्ल कानपुर के अपराधी विकास दुबे से मिलती है तो उन्होंने उसे पकड़ लिया। उसके बाद महाकाल मंदिर पुलिस चौकी को सूचना दी गई। यह पूरा प्रकरण करीब 9 बजे के आसपास हुआ। विकास दुबे 250 रुपये की रसीद कटवाकर मंदिर में दाखिल हुआ था।
पुजारी ने बताया कि जब विकास दुबे रसीद कटवाने के लिए पहुंचा तभी वहां मौजूद कर्मचारी को लगा कि यह विकास दुबे है।
पुजारी आशीष ने बताया कि महाकाल मंदिर में सावन में रोजाना इन दिनों करीब 7-8 लोग आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि विकास दुबे गिरफ्त में आने के बाद किसी भी तरह की कोई हरकत नहीं की। उसने भागने की भी कोशिश नहीं की। विकास दुबे को जिन कर्मचारियों ने पकड़ा है, उनके पास कोई हथियार नहीं था। विकास दुबे को फिलहाल महाकाल थाने में रखा गया है।
गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने की पुष्टि
मध्य प्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने भोपाल में मीडिया को बताया, ‘मैं फिलहाल बता रहा हूं कि हमने दुबे को गिरफ्तार किया है। वह हमारी हिरासत में है।’ जब मिश्रा से सवाल किया गया कि क्या महाकाल मंदिर में गिरफ्तारी हुई, तो उन्होंने कहा कि ‘मंदिर के बाहर—अंदर को बीच में न लाएं, पर उज्जैन में गिरफ्तारी हुई है।’
पुजारी एवं कुछ लोगों ने उसका चेहरा पहचाना और उसके बाद पुलिस को सूचना दी या पुलिस ने सीधे उसे गिरफ्तार किया के सवाल पर मिश्रा ने कहा, ‘इंटेलीजेंस की बात भी बताएंगे। पहले हमें मार्ग तक आने दो। पहले पता करने दो।’ उन्होंने कहा कि निश्चित रूप से वह प्रारंभ से ही क्रूरता की हदें पार करता रहा है और उसने जो कृत्य किया, वह बहुत निंदनीय था, बहुत चिंतनीय था। मध्य प्रदेश पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। मिश्रा ने बताया कि वारदात होने के बाद से ही हमने पूरी मध्यप्रदेश पुलिस को अलर्ट पर रखा था और इस मामले में पूरी निगाह रखी जा रही थी।
इससे पहले यूपी एसटीएफ ने शहडोल से उसके साले और बेटे को गिरफ्तार किया था। उसके बाद से लगातार यूपी एसटीएफ की टीम एमपी में सक्रिय थी।
महाकाल मंदिर को ही क्‍यों चुना?
विकास दुबे ने उज्‍जैन के महाकाल मंदिर को बेहद सोच-समझकर चुना है, ऐसा लगता है। सावन होने की वजह से वहां पर वैसे ही भारी भीड़ होती है, ऐसे में किसी अपराधी का एनकाउंटर होना नामुमुकिन है। खुद को इतनी भीड़ में सेफ जानकर ही विकास दुबे ने मंदिर के अंदर जाकर सरेंडर की कोशिश की। उसने जान-बूझकर गार्ड को अपनी पहचान बताई जिसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
सरेंडर करने की थी अटकलें
विकास दुबे सरेंडर करेगा, इसकी अटकलें तेज थीं। सूत्रों के मुताबिक उसे डर था कि अगर पुलिस के हत्‍थे चढ़ा तो उसका एनकाउंटर हो जाएगा। दिल्‍ली या हरियाणा की किसी कोर्ट में सरेंडर की संभावना को लेकर सिक्‍योरिटी बढ़ा दी गई थी। एक संभावना नोएडा के फिल्‍म सिटी जाकर किसी न्‍यूज़ चैनल के स्‍टूडियों में सरेंडर करने की भी थी जिसके बाद पुलिस ने वहां पर भारी फोर्स लगा दी थी।
-एजेंसियां

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