एशियन लिटरेरी सोसाइटी की ‘महफ‍िल-ए-सुखन’ के 25 द‍िन

नई द‍िल्ली। एशियन लिटरेरी सोसाइटी द्वारा आयोज‍ित ‘महफ‍िल-ए-सुखन’ ने 25 द‍िन पूरे कर ल‍िए। एशियन लिटरेरी सोसाइटी की स्थापना लेखक व कवि मनोज कृष्णन ने एशियाई कला, संस्कृति और साहित्य को प्रोत्साहित करने के लिए की है।

एशियन लिटरेरी सोसाइटी ने ‘महफ‍िल-ए-सुखन’ को 10 मई 2020 से शुरू क‍िया था ज‍िसके तहत अपने यू ट्यूब चैनल पर आलमी मुशायरे का आयोजन किया गया।

25 द‍िवसीय इस मुशायरे में श्री नोमान शौक़, दिलदार दहलवी, शबाना नज़ीर, नवाज़ देवबंदी, शारिक़ कैफ़ी, ख़ालिद आज़मी, तरुना मिश्रा, सुहेब फ़ारूक़ी, आश्कारा कशफ, नुसरत मेहदी, मीना खान, राजीव रियाज़, अमित बजाज, ख़ालिद अख़लाक़, अभिषेक अम्बर 15 सुप्रसिद्ध शायरों ने वीडि‍ओ रिकॉर्डिंग द्वारा अपना कलाम पेश किया।

इसके अलावा डॉक्टर अर्चना टंडन, डॉक्टर चारु कपूर, मनीषा अमोल, बालिका सेन गुप्ता, डॉक्टर अपर्णा प्रधान, शब्बीर मुनव्वर (दुबई ),रुदाबा शाह (दुबई), दिनेश उपाध्याय, प्रवीण प्रजापति, रज़ारीओइसाबेल रमीरेज़ (पेरू) सह‍ित 10 एशियन लिटरेरी सोसाइटी सदस्यों ने अपनी कविताएँ पेश कीं।

कार्यक्रम के अंतिम दिन सोसायटी के सदस्यों की सुंदर कविता पाठ की कुछ वीडि‍ओज़ भी लगाई गयीं, ये एक भेंट थी अपने एशियन लिटरेरी सोसाइटी सदस्यों के लिए।

भारत और विदेश के कई प्रतिष्ठित कवियों ने अपनी कविता पाठ से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। प्रोफ़ेसर शहज़ाद अंजुम अध्यक्ष उर्दू विभाग जामिया यूनिवर्सिटी ने अपने सदारतीय खुतबे में इस मुशायरे की ख़ूब सराहना की एवं शुभकामनाएँ दीं।

इस सफल कार्यक्रम का संयोजन व संचालन डॉ. रख्श्न्दा रूही मेहदी ने किया और दर्शकों का दिल जीत लिया। एशियन लिटरेरी सोसाइटी की किरण बाबल, अनिता चंद, बिशाखा शर्मा ने अपने सुंदर कॉमेंट्स देकर सभी शायरों का अभिवादन किया एवं मनोबल बढ़ाया।

भारी तादाद में दर्शकों व श्रोतागणों ने एशियन लिटरेरी सोसाइटी द्वारा आयोजित इस सफल मुशायरे की बेहद सराहना की।

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