महामहंगाई: वेनेज़ुएला में एक कप कॉफी की कीमत 25 लाख बोलिवार

अगर आपके मन में महंगाई की मार का कोई अंदाज़ा है तो वेनेज़ुएला में ये अंदाज़ा भी फेल हो जाएगा. वेनेज़ुएला में इसे महामहंगाई कहा जा रहा है.
वहां की सरकार ने इस महामहंगाई को काबू में करने के लिए जो योजना बनाई है उसे लेकर कन्फ़्यूजन और बढ़ा है. सवाल उठ रहे हैं कि क्या यह योजना काम करेगी?
निकोलस मादुरो की सरकार ने अपनी मुद्रा बोलिवार का नाम बदलकर ‘सॉवरेन बोलिवार’ कर दिया है. इसके साथ ही इसका 95 फ़ीसदी अवमूल्यन भी किया गया है.
अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष ने अनुमान लगाया है कि इस साल वेनेज़ुएला की महंगाई दर में 10 लाख फ़ीसदी का उछाल आ सकता है. अर्थशास्त्रियों ने चेतावनी दी है कि इससे वेनेज़ुएला के हालात और ख़राब होंगे.
सोमवार को क्या हुआ?
मादुरो का यह क़दम देश की मुद्रा बदलने वाला है. नोट का नाम भी बदल दिया गया है और साथ आठ नए नोट भी जारी किए गए हैं. ये नए नोट 2, 5, 10, 20, 50, 100, 200 और 500 के हैं.
वेनेज़ुएला सेंट्रल बैंक के प्रमुख कैलिक्स्टो ओर्टेगो ने घोषणा की है कि पुराने नोट तय समय तक चलन में रहेंगे. केवल एक हज़ार को नोट को चलन से बाहर किया गया है.
क़ीमतों पर इसका क्या असर पड़ेगा?
वेनेज़ुएला महामंदी की चपेट में है. विपक्ष के नियंत्रण वाले वेनेज़ुएला की राष्ट्रीय असेंबली के अनुसार औसत हर 26 दिन बाद क़ीमत दोगुनी हो जा रही है.
कुछ अर्थशास्त्री दूध वाली एक प्याली कॉफी की क़ीमत को महंगाई का प्रतीक मानते हैं. 31 जुलाई को राजाधानी कराकस के कैफे हाउस में एक प्याली कॉफी 25 लाख बोलिवार में एक प्याली कॉफी मिल रही थी.
पांच हफ़्ते पहले की क़ीमता की तुलना में यह दोगुनी क़ीमत थी. अब जब बदली हुई मुद्र 95 फ़ीसदी के अवमूल्यन के बाद मार्केट में आएगी तो 25 सॉवरेन बोलिवार में एक प्याली कॉफी मिलेगी.
इससे क्या आसान होगा?
कुछ समय के लिए इससे नक़दी का लेन-देन आसान हो जाएगा. अभी लोगों को एक कप कॉफी के लिए नोट की मोटी गड्डी लानी पड़ती है. वेनेज़ुएला की पुरानी मुद्रा में सबसे बड़ा बोलिवार एक लाख था. मतलब एक लाख का बोलिवार नोट लेकर भी घर से निकलते हैं तो एक कप कॉफी के लिए 25 बोलिवार नोट देने होंगे.
वेनेज़ुएला में महंगाई के कारण बड़े नोटों की मांग बढ़ गई, लेकिन वहां के बैंकों ने सभी ग्राहकों पर अपने अकाउंट से पैसे निकालने की सीमा तय कर दी.
ऐसे में यहां के नागरिकों को छोटे नोट ही बड़ी संख्या में लाने पड़ते थे या तो ऑनलाइन पेमेंट करते हैं. बीबीसी की दक्षिण अमरीकी संवाददाता केटी वॉटसन का कहना है कि होटल में टिप भी ऑनलाइन देना पड़ता है.
क्या वेनेज़ुएला की नई मुद्रा से महंगाई रुक जाएगी?
सरकार का मानना है कि नई आर्थिक योजना से न केवल महामहंगाई पर नकेल कसने में मदद मिलेगी बल्कि ‘आर्थिक युद्ध’ का भी सामना करने में मददगार साबित होगी.
वेनेज़ुएला का कहना है कि ‘साम्राज्यवादी ताक़तों’ ने उसके ख़िलाफ़ आर्थिक जंग छेड़ रखी है. एक सितंबर से न्यूनतम पारिश्रमिक में 34 गुना की बढ़ोतरी होगी. नए बोलिवार को सरकार तेल के लिए जारी की गई वर्चुअल करेंसी पेट्रो की तर्ज पर देख रही है.
राष्ट्रपति मादुरो ने ट्वीट कर कहा है कि सरकार ‘नवउदार पूंजीवाद’ के मंसूबों को नाकाम कर देगी. उन्होंने ट्वीट में लिखा है कि देश की आर्थिक व्यवस्था अब पूरी तरह से मुकम्मल होगी.
हालांकि अर्थशास्त्रियों का कहना है कि इन तरीक़ों से महंगाई की जड़ पर वार नहीं किया जा रहा है. इनका कहना है कि नए नोटों की छपाई से महंगाई को लंबे समय तक काबू में नहीं रखा जा सकता है, बल्कि हालात और बिगड़ेंगे.
अर्थशास्त्रियों का कहना है कि न्यूनतम मज़दूरी में बढ़ोत्तरी से महंगाई और बढ़ेगी. कुछ विश्लेषकों का मानना है कि नई मुद्रा का लाभ महमहंगाई से एक महीने में ही हवा हो जाएगा.
इसका तत्काल क्या असर होगा?
सोमवार को नया नोट लॉन्च किया गया है, लेकिन मादुरो ने बैंकों के लिए छुट्टी की घोषणा कर रखी है. केवल बैंक ही नहीं, बल्कि वित्तीय संस्थानों से कहा गया है कि 24 घंटे के लिए इलेक्ट्रॉनिक पेमेंट भी बंद रखा जाए. नए नोटों का इस्तेमाल मंगलवार से पहले तक संभव नहीं है.
आम दिनों में भी बैंकों के बाहर लंबी लाइनें लगी रहती हैं और अचानक से नया नोट लॉन्च किया जाएगा तो भगदड़ की स्थिति भी पैदा हो सकती है.
-BBC

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