संस्कृति यूनिवर्सिटी से कर सकते हैं Industrial Chemistry में MSC

मथुरा। बदलते दौर में Industrial Chemistry की महत्ता दिन-ब-दिन न केवल बढ़ती जा रही है बल्कि इसमें करियर की भी अपार सम्भावनाएं हैं। जनपद मथुरा के जो छात्र-छात्राएं औद्योगिक रसायन शास्त्र से एमएससी करना चाहते हैं अब उन्हें कहीं और जाने की जरूरत नहीं है। मथुरा में संचालित संस्कृति यूनिवर्सिटी में विषय विशेषज्ञों के साथ ही युवाओं को औद्योगिक रसायन शास्त्र की तालीम देने की सारी व्यवस्थाएं उपलब्ध हैं।

Industrial Chemistry विज्ञान की वह शाखा है जिसके अन्तर्गत पदार्थों के भौतिक एवं रासायनिक गुणों, संघटन, संरचना तथा उसमें होने वाले भौतिक एवं रासायनिक परिवर्तनों का अध्ययन होता है। कुछ समय पहले तक एम.-एससी इंडस्ट्रियल केमेस्ट्री (औद्योगिक रसायन शास्त्र) की तालीम हासिल करने के लिए मथुरा जनपद के छात्र-छात्राओं को दूसरे शहरों की तरफ जाना होता था। युवाओं की इस समस्या को देखते हुए संस्कृति यूनिवर्सिटी ने इस विषय की पढ़ाई को प्रमुखता दी है। अब मथुरा जनपद के छात्र-छात्राएं रसायन विज्ञान में दक्षता हासिल कर अपने सपनों को पंख लगा सकते हैं।

संस्कृति यूनिवर्सिटी की विभागाध्यक्ष रसायन शास्त्र डा. दुर्गेश वाधवा का कहना है कि वर्तमान समय में रसायन शास्त्र मानव के भौतिक जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। रसायन शास्त्र खाद्य फसलों की उत्पादकता में वृद्धि, स्वास्थ्य रक्षा, बीमारियों से बचाव, निर्माण सामग्री एवं अन्य मानवोपयोगी सामग्री के निर्माण एवं रख-रखाव में संलग्न है। डा. वाधवा का कहना है कि मानव जीवन का कोई ऐसा क्षेत्र नहीं है, जिसे रसायन शास्त्र प्रभावित न कर रहा हो। भारत में रसायन शास्त्र का अध्ययन प्राचीनकाल से ही धातु-शास्त्र और आयुर्वेद की सहायक विद्या के रूप में होता रहा है। आज के समय में औद्योगिक रसायन शास्त्र की महत्ता और बढ़ गई है। डा. वाधवा का कहना है कि आज हर वस्तु रसायन शास्त्र के दायरे में आ गई है। हर कम्पनी के उत्पाद में रसायन प्रक्रिया का महत्व बढ़ गया है, लिहाजा हर कम्पनी रसायन शास्त्र विशेषज्ञों को प्रमुखता दे रही है। हम कह सकते हैं कि इस विषय में दक्षता हासिल करने के बाद कोई भी युवा सहजता से अपना करियर संवार सकता है।

उप-कुलाधिपति राजेश गुप्ता का कहना है कि संस्कृति यूनिवर्सिटी बदलते परिवेश और औद्योगिक कम्पनियों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए ही पाठ्यक्रमों को प्रमुखता दे रही है। मथुरा और उसके आसपास का क्षेत्र कृषि प्रधान है, ऐसे में यहां की युवा पीढ़ी के रुझान पर ध्यान देना जरूरी हो जाता है। देखा जाए तो मथुरा में बीएससी इंडस्ट्रियल केमेस्ट्री की शिक्षा तो पहले से ही मिल रही थी लेकिन एमएससी इंडस्ट्रियल केमेस्ट्री की पढ़ाई के लिए यहां की युवा पीढ़ी को बाहर जाना होता था।

मथुरा के युवाओं की इस समस्या को देखते हुए ही संस्कृति यूनिवर्सिटी ने एमएससी इंडस्ट्रियल केमेस्ट्री (औद्योगिक रसायन शास्त्र) के पाठ्यक्रम को प्रमुखता दी है। मथुरा के छात्र-छात्राएं अब संस्कृति यूनिवर्सिटी से एमएससी Industrial Chemistry (औद्योगिक रसायन शास्त्र) में ज्ञानार्जन कर अपने करियर को ऊंची उड़ान दे सकते हैं।

 

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