डेली डाइट के जरिए भी फेफड़े रखे जा सकते हैं स्‍वस्‍थ

अपने आपको किसी भी बीमारी से बचाने का सबसे आसान तरीका है कि हम अपनी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाकर रखें। साथ ही हमारी बॉडी इतनी मजबूत हो कि बाहरी जर्म्स से वह खुद ही लड़ ले और हमें एक्सट्रा मेडिसिन्स की जरूरत ही ना पड़े।
आज यहां बात करते हैं अपने फेफड़ों की, क्योंकि अगर एक बार खांसी शुरू हुई तो ऐसा कम ही होता है, जब वो पूरे परिवार में फैले बिना घर से विदाई ले ले। खांसी का यह सर्कल शुरू होने से पहले ही खत्म करने के लिए अपनी डाइट में इन चीजों को शामिल करें।
लहसुन और प्याज-लहसुन और प्याज दोनों ही ऐसी सब्जियां हैं, जो फेफड़ों यानी लंग्स को मजबूत भी बनाती हैं। प्याज और लहसुन एंटीऑक्सीडेंट्स और एंटीफंगल एस्ट्रिजेंट के रूप में काम करते हैं। जो फेफड़ों में सांस के जरिए पहुंची प्रदूषण पार्टिकल्स, डस्ट पार्टिकल्स और बैक्टीरिया आदि को जमा नहीं होने देते। इससे लंग्स साफ और सुरक्षित रखने में मदद मिलती है।
ओमेगा थ्री फैटी एसिड
-फैट या फैटी शब्द देखकर परेशान ना हों। हर फैटी चीज और फैट बुरा नहीं होता। फैटी एसिड एक ऐसा एलिमेंट है, जो हमारी फिटनेस और हेल्थ के लिए बेहद जरूरी है। यह हमें लंग्स में दिक्कत के कारण होने वाली अस्थमा की बीमारी से भी बचाता है।
-ओमेगा थ्री फैटी एसिड के लिए आपको खासतौर पर हरी फलियां, सेम की फली, दूध, पनीर, दही और अलसी के बीजों का सेवन करना चाहिए।
अनार और सेब
-अनार हमारे शरीर में खून बढ़ाने का काम करने के साथ ही फेफड़ों की क्लीनिंग में बड़ा रोल प्ले करता है। वहीं सेब में विटामिन ई और सी दोनों होते हैं। ये दोनों ही फल हमें लंग्स कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से बचाने में भी बड़ा रोल प्ले करते हैं।
-अगर आप किसी ऐसे जॉब में हैं, जिसमें ट्रैवलिंग अधिक होती है या आप पूरा दिन ओपन एरिया में रहते हैं तो अपने लंग्स की सेहत के लिए आपको अपनी डेली डाइट में एक अनार और एक सेब शामिल करना चाहिए।
-आप इनका जूस भी पी सकते हैं। यह जूस ताजे फलों से तैयार किया हुआ होना चाहिए। बाेटल बंद या पैक्ड जूस की बात यहां नहीं हो रही है।
-एजेंसियां

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