भारत में निवेश का बेहतर विकल्प है लाइफ इंश्योरेंसः तन्मय पंत

मथुरा। आज के भागमभाग भरे जीवन में हर आदमी भविष्य को दृष्टिगत रखते हुए कहीं न कहीं कुछ न कुछ निवेश जरूर करना चाहता है। ऐसे में लाइफ इंश्योरेंस परम्परागत रूप से धन निवेशकों के लिए भारत में सबसे बेहतर विकल्प माना जा सकता है। भविष्य में होने वाली किसी भी प्रकार की जन व धनहानि को देखते हुए आर्थिक मामलों के विशेषज्ञ भी लाइफ इंश्योरेंस में निवेश को सबसे उपयुक्त मानते हैं। गुरुवार को राजीव एकेडमी फॉर टेक्नोलॉजी एण्ड मैनेजमेंट के एम.बी.ए. अंतिम वर्ष के छात्र-छात्राओं के लिए डिस्ट्रीब्यूशन आस्पेक्ट ऑफ लाइफ इंश्योरेंस पर गेस्ट लेक्चर का आयोजन किया गया।

ऑनलाइन गेस्ट लेक्चर में आर्थिक मामलों के जानकार तन्मय पंत ने विद्यार्थियों से कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र में लाइफ इंश्योरेंस कम्पनी पब्लिक सेक्टर की सर्वोत्तम निवेश कम्पनी है, जिसमें निवेशकों के धन की गारंटी के साथ ही असमय किसी दुर्घटना से होने वाली क्षति का लाभ भी प्रदान किया जाता है। श्री पंत ने कहा कि वैसे तो प्राइवेट सेक्टर में इंश्योरेंस की अनेक कम्पनियां हैं लेकिन लाइफ इंश्योरेंस का कोई जवाब नहीं है। उन्होंने छात्र-छात्राओं को बताया कि लाइफ इंश्योरेंस भविष्य में होने वाले किसी नुकसान की आशंका से निपटने का एक बेहतर हथियार है।

श्री पंत ने विद्यार्थियों से कहा कि भविष्य में क्या होगा, इसके बारे में स्पष्ट रूप से कुछ भी नहीं कहा जा सकता। इसलिए आज कोविड-19 महामारी के चलते बीमा पॉलिसी के माध्यम से हम भविष्य में होने वाली संभावित आर्थिक क्षति की भरपाई सहजता से कर सकते हैं। श्री पंत ने बताया कि भारत में इंश्योरेंस सेक्टर की हमेशा मांग रही है। कोविड महामारी काल में सभी बीमा कम्पनियां राष्ट्र के लिए अच्छी भूमिका निभा सकती हैं। अपने अनुभव साझा करते हुए श्री पंत ने कहा कि भारत में इंश्योरेंस कम्पनी का डिस्ट्रीब्यूशन चैनल और स्ट्रक्चर फ्रेमवर्क बहुत मजबूती से काम कर रहा है, इसलिए पब्लिक सेक्टर की इंश्योरेंस कम्पनियां स्वयं को मजबूती के साथ स्थिर किये हुए हैं।

आर.के. एज्यूकेशन हब के चेयरमैन डॉ. रामकिशोर अग्रवाल ने अपने संदेश में कहा कि भविष्य में क्या होगा, इसकी जानकारी किसी को नहीं होती ऐसे में हम लाइफ इंश्योरेंस के माध्यम से न केवल अपने निवेश को सुरक्षित कर सकते हैं बल्कि किसी जनहानि की अवस्था में अपने परिवार की आर्थिक मदद में भी सहायक हो सकते हैं। संस्थान के निदेशक डॉ. अमर कुमार सक्सेना ने कहा कि राजीव एकेडमी युवा पीढ़ी को किताबी ज्ञान के साथ-साथ व्यावहारिक जानकारी देने को भी प्रतिबद्ध है।

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