राजीव एकेडमी में टैलेंट वर्सेज एटीट्यूड पर हुआ व्याख्यान

मथुरा। राजीव एकेडमी फॉर टेक्नोलॉजी एण्ड मैनेजमेंट में शुक्रवार को टैलेंट वर्सेज एटीट्यूड पर हुए ऑनलाइन गेस्ट लेक्चर में Ozone Overseas Company के डिवीजन हेड देवेश सैनी (Devesh Saini) ने बीबीए अंतिम वर्ष के छात्र-छात्राओं को मार्केटिंग करिअर में सफलता के गुर बताए। उन्होंने कहा कि क्षेत्र कोई भी हो, उसमें सफलता के लिए हमारा निरंतर एक्टिव रहना जरूरी है।

श्री सैनी ने विद्यार्थियों से सर्वप्रथम फिट रहने के साथ-साथ स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि कोरोना संकट से पूरी दुनिया परेशान है। कोरोना संक्रमण से बचने के लिए हमें स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है।

उन्होंने टैलेंट वर्सेज एटीट्यूड पर कहा कि हमें स्वयं को करिअर की ऊंचाइयों पर पहुंचने के लिए हर क्षण एक्टिव रहना चाहिए क्योंकि हमारा व्यक्तित्व ही मार्केट में हमें खास पहचान देता है। श्री सैनी ने कहा कि केवल टैलेण्ट से ही हम सफलता हासिल नहीं कर सकते। हमें बाजार में स्वयं का परिचय अलग अंदाज में देना होगा ताकि लगे कि हम बाजार और प्रोडक्ट के सेल के लिए फिट हैं। उन्होंने कहा कि यह भी आवश्यक नहीं कि प्रथम बार ही हमारा प्रोडक्ट बाजार में स्थान बना ले क्योंकि इसके लिए बहुत धैर्य की जरूरत होती है। श्री सैनी ने कहा कि जब बार-बार हमारा सकारात्मक रुख मार्केट में जाएगा तब हमें लोग पसन्द करने लगेंगे तथा हमें व हमारे प्रोडक्ट को बाजार में स्थान मिलने में आसानी हो जाएगी।

श्री सैनी ने विद्यार्थियों से अपने व्यक्तित्व पर भी सतत नजर रखने की बात कही। उन्होंने कहा कि हमें मार्केटिंग करते समय शर्म महसूस नहीं करनी चाहिए बल्कि अपने प्रोडक्ट का मार्केट बनाने की कोशिश करनी चाहिए, इससे आपकी सेल्स स्वतः ही बढ़ने लगेगी। उन्होंने कहा कि एक अच्छा सेल्समैन ठण्ड, धूप, वर्षा आदि की चिन्ता नहीं करता। वह अपना आत्मबल नहीं गिरने देता। विद्यार्थियों से उन्होंने कहा कि सेल्फ मोटीवेट होने के लिए आप में संकल्पशक्ति का होना बहुत जरूरी है। इसके लिए इण्टर्नशिप बहुत सहायक होती है। सेल्स के व्यक्ति को प्रोडक्ट की पूरी नॉलेज होनी चाहिए।

श्री सैनी ने कहा कि ग्राहकों की जरूरतों के अनुसार बाजार चलता है। प्रोडक्ट की गुणवत्ता का पता है तो ग्राहक उसे जानकर पसन्द करेगा। नेटवर्क मार्केटिंग और डिजिटल मार्केटिंग पर पूछे सवालों के उन्होंने विद्यार्थियों को सटीक उत्तर दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी कुछ आपके एटीट्यूड पर निर्भर करता है। सकारात्मक एटीट्यूड वाले कर्मचारियों पर कम्पनियां करोड़ों की धनराशि विज्ञापन पर व्यय करती हैं, ऐसे कर्मी कम्पनी का रीढ़ बनते हैं।

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