राजीव एकेडमी में करिअर अपॉर्च्युनिटीज पर व्याख्यान

MCA यानी मास्टर ऑफ कंप्यूटर एप्लीकेशंस आपके लिए सुनहरे करियर की राह खोलता है। एमसीए डिग्रीधारकों के लिए नौकरियों के अवसर की कमी नहीं है। इस डिग्री के बाद आई.टी. सेक्टर में सॉफ्टवेयर डेवलपर, हार्डवेयर इंजीनियर, डेटाबेस इंजीनियर, क्लाउड आर्किटेक्ट, डेटा साइंटिस्ट, बिजनेस एनालिस्ट, टेक्निकल राइटर, वेब डिजाइनर, डेवलपर, मानसिक टेस्टर, ट्रबलशूटर, नेटवर्क इंजीनियर, एथिकल हैकर, प्रोजेक्ट मैनेजर, आई.टी. आर्किटेक्ट आदि पदों पर करिअर संवारा जा सकता है। यह जानकारी सोमवार को राजीव एकेडमी फॉर टेक्नोलॉजी एण्ड मैनेजमेंट के एमसीए विभाग द्वारा आयोजित ऑनलाइन गेस्ट लेक्चर में वक्ता मैनेजर एचआर प्रोफेशनल रोमा सिन्हा ने छात्र-छात्राओं को दी।

Lecture on Career Opportunities after MCA at Rajiv Academy
Lecture on Career Opportunities after MCA at Rajiv Academy

करिअर अपॉर्च्युनिटीज आफ्टर एम.सी.ए. पर अपने व्याख्यान में रोमा सिन्हा ने छात्र-छात्राओं को बताया कि एमसीए कोर्स महत्वपूर्ण है। यदि आप सफल आई.टी. विशेषज्ञ बनना चाहते हैं तो एमसीए की डिग्री अवश्य हासिल करें। उन्होंने कहा कि एमसीए डिग्री प्रकृति आधारित है जो कि किसी भी किताब को पढ़कर हासिल नहीं की जा सकती। रोमा सिन्हा ने कहा कि बहुराष्ट्रीय कम्पनियों के लिए अच्छा अंग्रेजी संचार विकसित करने वाले व्यक्ति की आज बहुत आवश्यकता है। ऐसे छात्र-छात्राओं को सॉफ्टवेयर, हार्डवेयर, डेटाबेस या एक विशिष्ट कम्प्यूटर भाषा पर अच्छी कमांड होना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि बहुत सारा अनुभव तो शुरू में किसी के पास नहीं होता है लेकिन कार्यसाधक अनुभव एमसीए कोर्स के दौरान हो जाता है जिसके बल पर सहजता से जॉब हासिल किया जा सकता है।

आर.के. एज्यूकेशन हब के अध्यक्ष डॉ. रामकिशोर अग्रवाल ने अपने संदेश में कहा कि राजीव एकेडमी एमसीए के विद्यार्थियों को हर दिन अपडेट रखने के लिए संकल्पित है और उनके अध्ययन के लिए हर सम्भव व्यवस्थाएं करने के लिए प्रयासरत है जिससे यह कोर्स करने के दौरान ही विद्यार्थी प्लेसमेंट के माध्यम से उच्च पैकेज पर जॉब प्राप्त करने में सफल हो सके।

संस्थान के निदेशक डॉ. अमर कुमार सक्सेना ने बताया कि कोरोना संक्रमण के दौरान नियमित कक्षाएं न चलने के बावजूद राजीव एकेडमी द्वारा विषय विशेषज्ञों के अनुभवों से छात्र-छात्राओं को लगातार अपडेट कराया जा रहा है ताकि शिक्षा पूरी करने के बाद उन्हें इधर-उधर भटकना न पड़े।

– Legend News

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