पुण्‍यतिथि: लातिनी अमरीकी क्रांतिकारी चे ग्वेरा की भारत यात्रा

आज लातिनी अमरीकी क्रांतिकारी चे ग्वेरा की पुण्‍यतिथि है. यह कम ही लोगों की जानकारी में है कि चे ग्वेरा ने भारत की भी यात्रा की थी. तब वे क्यूबा की सरकार में मंत्री थे.

चे ने भारत की यात्रा के बाद 1959 में भारत रिपोर्ट लिखी थी जो उन्होंने फ़िदेल कास्त्रो को सौंपी थी.

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लातिनी अमरीकी क्रांतिकारी चे ग्वेरा की भारत यात्रा

इस रिपोर्ट में उन्होंने लिखा था, “काहिरा से हमने भारत के लिए सीधी उड़ान भरी. 39 करोड़ आबादी और 30 लाख वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल. हमारी इस यात्रा में सभी उच्‍च भारतीय राजनीतिज्ञों से मुलाक़ातें शामिल थीं. नेहरू ने न सिर्फ दादा की आत्‍मीयता के साथ हमारा स्‍वागत किया बल्कि क्यूबा की जनता के समर्पण और उसके संघर्ष में भी अपनी पूरी रुचि दिखाई.”

महज़ 39 साल में मारे गए थे लातिनी अमरीकी क्रांतिकारी चे ग्वेरा

चे ने अपनी रिपोर्ट में लिखा, “हमें नेहरू ने बेशकीमती मशविरे दिए और हमारे उद्देश्‍य की पूर्ति में बिना शर्त अपनी चिंता का प्रदर्शन भी किया. भारत यात्रा से हमें कई लाभदायक बातें सीखने को मिलीं. सबसे महत्‍वपूर्ण बात हमने यह जाना कि एक देश का आर्थिक विकास उसके तकनीकी विकास पर निर्भर करता है और इसके लिए वैज्ञानिक शोध संस्‍थानों का निर्माण बहुत ज़रूरी है- मुख्‍य रूप से दवाइयों, रसायन विज्ञान, भौतिक विज्ञान और कृषि के क्षेत्र में.”

अपनी विदाई को याद करते हुए चे ग्वेरा ने लिखा था, “जब हम भारत से लौट रहे थे तो स्‍कूली बच्‍चों ने हमें जिस नारे के साथ विदाई दी, उसका तर्जुमा कुछ इस तरह है- क्यूबा और भारत भाई-भाई. सचमुच, क्यूबा और भारत भाई-भाई हैं.”

37 साल की उम्र में क्यूबा के सबसे ताक़तवर युवा चे ग्वेरा ने क्रांति का संदेश अफ़्रीका और दक्षिणी अमरीका में फैलाने की ठानी.
कांगो में चे ने विद्रोहियों को गुरिल्ला लड़ाई की पद्धति सिखाई. फिर चे ने बोलीविया में विद्रोहियों को प्रशिक्षित करना शुरू किया.
अमरीकी खुफ़िया एजेंट चे ग्वेरा को खोजते रहे और आख़िरकार बोलीविया की सेना की मदद से चे को पकड़कर मार डाला गया.

अर्नेस्टो चे ग्वेरा आज दिल्ली के पालिका बाज़ार में बिक रहे टी-शर्ट पर मिल जाएंगे, लंदन में किसी की फ़ैशनेबल जींस पर भी, लेकिन चे क्यूबा और दक्षिण अमरीकी देशों के करोड़ों लोगों के लिए आज भी किसी देवता से कम नहीं है.
आज अगर चे ग्वेरा ज़िंदा होते तो 89 साल के होते, लेकिन चे को जब 9 अक्तूबर, 1967 को मारा गया उनकी उम्र थी महज़ 39 साल.

Courtsey: बीबीसी संवाददाता आकाश सोनी का ये लेख 9 अक्टूबर, 2007 को प्रकाशित हुआ था