उत्तरी म्यांमार में भूस्खलन, कम से कम 70 लोग लापता

उत्तरी म्यांमार में एक जेड माइनिंग (क़ीमती पत्थरों का खनन) की जगह पर हुए भूस्खलन में कम से कम 70 लोग लापता हो गए हैं.
कचिन राज्य के हपाकांत इलाक़े में बुधवार को स्थानीय समयानुसार सुबह 4 बजे यह भूस्खलन हुआ.
घटनास्थल पर बचाव अभियान जारी है और पीड़ितों में अधिकतर अवैध जेड खनिक हैं.
म्यांमार जेड (आभूषण बनाने में इस्तेमाल होने वाला हरा पत्थर) का दुनिया का सबसे बड़ा स्रोत है लेकिन बीते कई सालों में इसके खनन के दौरान कई हादसे हुए हैं.
हपाकांत में जेड माइनिंग पर प्रतिबंध है लेकिन स्थानीय लोग रोज़गार की कमी और कोविड-19 के बाद ख़राब हुई आर्थिक स्थिति के कारण उसका खनन करते हैं.
कुछ ही दिनों पहले हपाकांत में एक जेड ब्लॉक के पास भूस्खलन के दौरान 10 खनिक ग़ायब हो गए थे.
2020 में हपाकांत में ही एक हादसे के दौरान 160 से अधिक लोग मारे गए थे जिनमें से अधिकतर प्रवासी थे. यह हादसा खनन किए गए कचरे के झील में डूब जाने के कारण हुआ था.
साल 2018 में एक नया रत्न खनन क़ानून पास किया गया था लेकिन आलोचकों का कहना है कि सरकार के पास इंस्पेक्टर नहीं हैं और अवैध काम रोकने के लिए सीमित अधिकार हैं.
म्यांमार का जेड का व्यापार हर साल 30 अरब डॉलर का माना जाता है जिसमें हपाकांत दुनिया की सबसे बड़ी जेड खनन की जगह है.
-एजेंसियां

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