पृथ्वी और प्रकृति की रक्षा करेंगे श्रीकृष्ण के लाखों ‘पर्यावरण प्रहरी’

मथुरा । श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान ने धरती और प्रकृति के मूल स्वरूप की रक्षा के लिए आज 02 अक्टूबर को एक-महा-अभियान की शुरूआत की है। संस्थान के सचिव कपिल शर्मा ने बताया कि भगवान श्रीकेशवदेव की प्रेरणा और प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के संकल्प को शक्ति देने के लिए शुरू हुऐ इस महा-अभियान के विश्वभर के श्रीकृष्ण भक्तों को जोड़ा जाएगा और ‘पर्यावरण प्रहरी’ के रूप में सजग रहने का संकल्प दिलाया जायेगा।

राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 150वीं जयंती से शुरू हुआ ये महा-अभियान अगले वर्ष प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिन (17 सितम्बर 2020) तक चलेगा। करीब एक वर्ष की अवधि के दौरान संस्थान के लाखों-लाख श्रीकृष्ण भक्तों को संकल्प दिलाकर पूर्ण सफल अभियान बनाने का लक्ष्य रखा है।

श्री शर्मा ने आगे बताया कि धरती, प्रकृति, नदी और वायुमंडल का दिनों दिन बिगड़ता स्वरूप आज विश्व के लिए चिंता का सबसे बड़ा विषय बन गया है। स्थिति इतनी विकराल हो गई है कि प्रतिदिन सैकड़ों की संख्या में जीव प्रजातियां विलुप्त हो रही हैं। अगला खतरा मानव जाति पर मंडरा रहा है। यदि आज हम नहीं जागे तो यह हमारी भावी पीढ़ी के प्रति अपराध होगा।

इस विकराल समस्या का समाधान सरकार, संस्था अथवा कोई महापुरुष अकेले नहीं कर सकता, इसके लिए 130 करोड़ भारतवासियों को एकजुट होना पड़ेगा। हम सभी एकजुट होकर इस समस्या के समाधान के लिए ईमानदारी से प्रयास करेंगे तो वह दिन दूर नहीं कि संपूर्ण विश्व हमारे साथ खड़ा होगा।

प्रधानमंत्री मोदी ने भगवान श्रीकृष्ण की जन्मभूमि मथुरा में गौमाता के सानिध्य में 11 सितम्बर को ‘स्वच्छता ही सेवा है’ का संकल्प लेने के साथ ही ‘सिंगल यूज प्लास्टिक’ का उपयोग न करने की अपील पर हम सभी देशवासियों को गंभीरता से प्रयास करना होगा।

माननीय प्रधानमंत्री ने ये भी बताया कि उन्होंने इस अभियान की शुरूआत के लिए भगवान श्रीकृष्ण की जन्मभूमि मथुरा को ही क्यों चुना। भगवान श्रीकृष्ण सही मायने में अब तक के सबसे बड़े प्रकृति वैज्ञानिक हैं। उन्होंने अपनी हर लीला के माध्यम से प्रकृति संरक्षण का संदेश दिया है।

अत: श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान में आज 02 अक्टूबर को श्रीकृष्ण भक्तों को ‘पर्यावरण प्रहरी’ के रूप में इस पुण्य कार्य से जोड़ने के लिए संकल्प लिया गया। श्रीकृष्ण जन्मस्थान पर प्रतिदिन हजारों की संख्या में श्रद्धालु आते हैं। संस्थान का प्रयास होगा कि अधिकाधिक कृष्णभक्त इस महाअभियान से जुड़ें, साथ ही इस महाअभियान का संकल्प मात्र उन्हीं श्रद्धालुओं को कराया जाये जो भगवान श्रीकृष्ण की प्रेरणा से स्वयं ‘पर्यावरण प्रहरी’ बनने का संकल्प लेंगे।
‘पर्यावरण प्रहरी’ के रूप में कृष्ण भक्तों को जोड़ने का यह अभियान डालमिया भारत ग्रुप के सौजन्य से चलाया जायेगा ज‍िसमें करीब एक वर्ष की अवधि के दौरान पूरी दुनिया में लाखों भक्त भगवान श्रीकेशवदेव की प्रेरणा से ‘पर्यावरण प्रहरी’ के रूप में संकल्प लेंगे।

इस अभियान से प्रकृति, वनस्पति, नदी, भूमि और वायुमंडल संरक्षण में मदद मिलेगी और प्लास्टिक और पॉलिथीन निषेध अभियान को गति मिलेगी। श्री शर्मा ने बताया कि श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान कार्यक्रम के पूर्ण होने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस कार्यक्रम का विवरण डिजिटल रूप में भेंट करेगा।

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