महालक्ष्मी मंदिर में कृष्ण-रुक्मणी विवाह

आगरा। श्रीकृष्ण और रुक्मणिजी का विवाह अपने आप में अनूठा है। इस दौरान प्रभु को कुछ परेशानियों का सामना भी करना पड़ा, लेकिन वे रुके या थके नहीं और अंततः उन्होंने रुक्मणिजी से विवाह किया। ये कहना था बल्केश्वर स्थित श्री महालक्ष्मी मंदिर पर चल रही श्रीमद्भागवत कथा में पं० राजीव वशिष्ठ महाराज का| छंटवे दिन महारास लीला, तुलसी-शालिग्राम विवाह एंव रुक्मणी विवाह का सजीव वर्णन किया गया| रुक्मणि-कृष्ण विवाह का अत्यंत मार्मिक विवरण श्रद्धालुओं के समक्ष व्यक्त किया।
जैसे-जैसे भागवत कथा आगे बड़ती जा रही हैं व्यास गददी पर विराजमान पं० राजीव वशिष्ठ महाराज के मुखाबिंद से इस कथा को सुनने के लिये श्रद्धालुओ का सैलाब उमड़ा रहा है। उन्होने श्रोताओ को बताया कि बिना भाव के भगवान कीमती चीजों को भी ग्रहण नहीं करते। यदि भाव से एक फूल ही चढ़ा दें तो प्रभु प्रसन्न हो जाते हैं। भक्तगण कृष्ण रासलीला और रुक्मणी विवाह के भजनो पर जमकर झूम उठे| कथा के मुख्य यजमान अनिल अग्रवाल एंव कंचन अग्रवाल है। वही दैनिक यजमान मुरारीलाल अग्रवाल तथा कुसुमलता अग्रवाल रहे| मिडिया समन्वयक सीपी चौहान ने बताया कि शनिवार को सुदामा-चरित्र एवं शुकदेव विदाई का वर्णन किया जाएगा। इस अवसर पर मुख्य रूप से विधायक पुरुषोत्तम खंडेलवाल, ममता सिंघल, योगेश गुप्ता, अनुज सिंघल, विष्णु अग्रवाल, अनिल गुप्ता, विक्की गर्ग, राम गोपाल, पंडित कपिल गुरु, डौली अग्रवाल, प्रतिमा गुप्ता, बेबी अग्रवाल, राजकुमारी अग्रवाल, गुंजन अग्रवाल, चंचल बंसल आदि ने भागवत महापुराण की आरती की |
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