कैसे बेल्जियम के एक किसान ने फ़्रांस को ‘छोटा’ कर दिया?

बेल्जियम के एक किसान ने अनजाने में फ़्रांस के साथ लगी अपने देश की सीमा में फेरबदल कर फ़्रांस को ‘छोटा’ कर दिया.
इतिहास के एक स्थानीय उत्साही व्यक्ति ने जंगल में घूमते हुए ये नोटिस किया कि दोनों देशों की सीमा को चिन्हित करने वाला पत्थर 2.29 मीटर (7.5 फ़ीट) खिसका हुआ था.
माना जा रहा है कि बेल्जियम का ये किसान अपने ट्रैक्टर के रास्ते में आने वाले इस पत्थर को लेकर काफ़ी नाराज़ रहता था और उसने बाद में ये पत्थर फ़्रांसीसी इलाक़े में खिसका दिया.
बेल्जियम के गाँव एरक्वेलाइन्स के मेयर डेविड लावॉक्स ने फ़्रेंच टीवी चैनल टीएफ़1 से बातचीत में कहा, “उस किसान ने बेल्जियम को बड़ा और फ़्रांस को छोटा बना दिया. ये अच्छा आइडिया नहीं है.”
उन्होंने बताया कि ऐसे क़दम से ज़मीन मालिकों के बीच विवाद पैदा हो जाता है, ये तो पड़ोसी देशों की बात थी.
सीमा निर्धारण
फ़्रांस और बेल्जियम के बीच 620 किलोमीटर की सीमा है. वॉटरलू में नेपोलियन की हार के पाँच साल बाद 1820 में कोरट्रिक की संधि के बाद ये सीमा निर्धारित हुई थी.
बेल्जियम के किसान ने जो पत्थर अपने रास्ते से हटाया है, वो पत्थर सीमा निर्धारित करने के लिए 1819 में लगाया गया था.
बेल्जियम के मेयर ने हँसते हुए कहा, “मैं तो ख़ुश था क्योंकि मेरा शहर बड़ा हो गया था, लेकिन फ़्रांसीसी इलाक़े के मेयर सहमत नहीं थे.”
पड़ोसी फ़्रांसीसी गाँव के मेयर वेलोन्क ने हँसते हुए कहा, “हम एक नए सीमा युद्ध से बचने में सफल हो जाएँगे.”
बेल्जियम के स्थानीय अधिकारियों की योजना है कि वे उस किसान से कहेंगे कि वो उस पत्थर को उसकी पुरानी जगह पर रख दें.
और अगर ऐसा नहीं होता है तो मामला बेल्जियम के विदेश मंत्रालय में जा सकता है, जिसे 1930 के बाद से निष्क्रिय पड़े फ़्रैंको-बेल्जियम सीमा आयोग को तलब करना होगा.
बेल्जियम के मेयर लावॉक्स का कहना है कि अगर किसान ने बात नहीं मानी, जो उन पर आपराधिक मुक़दमा दर्ज हो सकता है.
उन्होंने कहा, “अगर वे अच्छी भावना दिखाते हैं, तो कोई समस्या नहीं होगी और हम सद्भावपूर्ण तरीक़े से ये मसला सुलझा लेंगे.”
-BBC

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *