किरण रिजिजू ने कहा, राहुल को देश की सेना पर भरोसा नहीं है

नई दिल्‍ली। लद्दाख में चीन के साथ सीमा पर जारी तनाव के बीच देश की दो सबसे बड़ी पार्टियों में सियासी संघर्ष भी जोर पकड़ रहा है। विपक्षी कांग्रेस पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी कोरोना संकट से पैदा हुई परिस्थितियों पर सरकार को घेरने के बाद चीन के साथ गतिरोध के मुद्दे को हवा देने में जुट गए हैं। उधर, राहुल के खिलाफ सरकार की तरफ से मोर्चा संभालने वालों में अब केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू का नाम भी शामिल हो गया है। रिजिजू ने इस मुद्दे पर राहुल के आखिरी बयान को बेहद गैर-जिम्मेदाराना करार देते हुए कहा कि इस तरह की बात वही व्यक्ति कर सकता है जिसे सेना की ताकत पर भरोसा नहीं हो।
राहुल बनाम राजनाथ
दरअसल, राहुल गांधी रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के जवाबी ट्वीट को लेकर एक गंभीर सवाल कर डाला। राहुल ने ट्विटर पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से पूछा, ‘आरएम (रक्षा मंत्री) की हाथ छाप पर टिप्पणी पूरी हो गई हो तो क्या वो बता सकते हैं कि क्या चीन ने लद्दाख में भारतीय क्षेत्र पर आधिपत्य जमा लिया है?’
सियासी बयानबाजी में रिजिजू की एंट्री
इसके जवाब में रिजिजू ने कहा, ‘इस तरह के गैरजिम्मेदाराना बयान और व्यवहार तब सामने आते हैं जब कोई खुद की सेना पर भरोसा करना बंद कर देता है और राजनीतिक हित राष्ट्रीय हित से आगे निकल जाता है।’
उन्होंने राहुल को 1962 युद्ध और उसके परिणाम की याद दिला दी। उन्होंने लिखा, ‘उम्मीद करता हूं कि कोई (राहुल) 1962 की गलतियां महसूस करें जिन्‍होंने NEFA (अरुणाचल प्रदेश) को दूसरे (चीन) के अनावश्यक और अनुचित दावेदारी में धकेल दिया था।’
राहुल का शायराना अंदाज
राहुल गांधी यूं तो सरकार से पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर चीन के साथ तनाव को लेकर स्थिति स्पष्ट करने की मांग उठाते रहे हैं, लेकिन बात तब बढ़ गई जब उन्होंने गृह मंत्री अमित शाह के एक बयान पर शायराना अंदाज में तंज कसा।
शाह के बयान पर राहुल ने ट्वीट किया, ‘सब को मालूम है ‘सीमा’ की हकीकत लेकिन, दिल के खुश रखने को ‘शाह-यद’ ये ख्याल अच्छा है।’
राजनाथ का नहले पर दहला
इसी पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने नहले पर दहला मारते हुए लिखा, ‘एक शेर थोड़ा अलग अन्दाज़ में है। ‘हाथ’ में दर्द हो तो दवा कीजै, ‘हाथ’ ही जब दर्द हो तो क्या कीजै..’ राहुल ने रक्षा मंत्री के इसी ट्वीट पर उनसे पूछ डाला कि अगर हाथ छाप (कांग्रेस पार्टी का चुनाव निशान) पर टिप्पणी हो गई हो तो रक्षा मंत्री लद्दाख की परिस्थिति बता दें। जिसके जवाब में किरण रिजिजू ने उन पर देश की सैन्य शक्ति को लेकर सशंकित होने का आरोप लगा दिया।
शाह के बयान पर शुरू हुआ वाकयुद्ध
दरअसल, इस पूरे वाद-विवाद की जड़ में गृह मंत्री अमित शाह का वो बयान है जिसमें कहा गया है, ‘भारत की रक्षा नीति को वैश्विक स्वीकृति मिली है। पूरी दुनिया मानती है कि अमेरिका और इजरायल के बाद अगर कोई देश अपनी सीमा को सुरक्षित रखने में सक्षम है तो वो भारत है।’
राजनाथ ने कहा, संसद में सब बताऊंगा
राहुल ने इस बयान को लेकर तंज कसा तो राजनाथ ने उन्हें उन्हीं के अंदाज में जवाब तो दिया ही, बाद में उन्होंने यह भी कहा कि वो लद्दाख को लेकर पूरी जानकारी संसद में देंगे। उन्होंने ट्वीट किया, ‘कांग्रेस के कई नेता सवाल पूछ रहे हैं कि भारत चीन सीमा पर क्या हो रहा है? मैं देश की जनता को आश्वस्त करना चाहूँगा कि संसद में इस बारे में विस्तार से जानकारी दूँगा।’
-एजेंसियां

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