रोगी के प्रति दया व जवाबदेही ही चिकित्सकीय नैतिकताः डा. मिश्रा

मथुरा। KD मेडिकल कॉलेज-हॉस्पिटल एण्ड रिसर्च सेंंटर में “मेडिकल एथिक्स” पर आज शनिवार को एक वृहद सेमिनार का आयोजन किया गया। इस अवसर पर ओएसडी डॉ. बीपी मिश्रा ने अपने उद्बोधन में कहा कि रोगी के प्रति दया, संवेदनशीलता, जवाबदेही, देखभाल तथा रोगी के प्रति चौकस रवैया ही सही मायने में चिकित्सकीय नैतिकता है। सेमिनार का शुभारम्भ डॉ. बीपी मिश्रा, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राजेन्द्र कुमार, शिशु शल्य विशेषज्ञ डॉ. श्याम बिहारी शर्मा और मुख्य प्रशासनिक अधिकारी अरुण अग्रवाल द्वारा मां सरस्वती के छायाचित्र के सम्मुख दीप प्रज्वलित कर किया गया।

सेमिनार में सभी चिकित्सक वक्ताओं ने माना कि मरीज के लिए चिकित्सक का व्यावहारिक रवैया, शुरू में देखभाल, सहायता, समर्थन पर केंद्रित है लिहाजा पेशेवर चिकित्सा नैतिकता की मुख्य विशेषता है। मानवता न केवल एक पेशे को चुनने के लिए एक मौलिक मानदण्ड है, बल्कि चिकित्सा गतिविधि की सफलता को भी सीधे प्रभावित करती है।

विशेषज्ञ शिशु शल्य चिकित्सक डॉ. श्याम बिहारी शर्मा ने सेमिनार में उपस्थित जूनियर चिकित्सकों, नर्सेज तथा पैरामेडिकल कर्मचारियों से आग्रह किया कि वे अपने शालीन व्यवहार और वाणी से न केवल मरीज का दिल सकते हैं बल्कि समाज के सामने सेवाभाव का उदाहरण भी पेश कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि यद्यपि चिकित्सकों पर भी दबाव होता है और उन्हें बेवजह पुलिस और अदालत द्वारा प्रताड़ित किया जाता है, जो कि उचित नहीं है। यही मुख्य कारण है कि चिकित्सक मरीजों की ज्यादा जांच कराते हैं।

डा. शर्मा ने आरके एजुकेशन हब के चेयरमैन डॉ. रामकिशोर अग्रवाल को मानवता की मिसाल बताते हुए कहा कि उन्होंने ब्रज में चिकित्सा-शिक्षा के लिए जो किया है, वह अपने आप में एक नायाब उदाहरण है।

सेमिनार में डॉ. एसके बंसल, डॉ. कृष्णपद दत्ता, डॉ. अम्बरीश, डॉ. शालिनी गांधी, डॉ. अभिलाषा स्मिथ, डॉ. प्रियंका तिवारी, डॉ. विवेक पाराशर, डॉ. वीके पाण्डेय, डॉ. संजय शर्मा आदि ने भी चिकित्सकीय नैतिकता और मरीज-डॉक्टर्स सम्बन्धों पर अपने-अपने विचार व्यक्त किए।

सेमिनार में सभी वक्ताओं ने चिकित्सकों और नर्सेज को संवेदनशील और करुणामय होने का संदेश दिया। सभी चिकित्सकों ने एकमत से चिकित्सक एवं रोगी के मधुर सम्बन्धों को स्वीकार करते हुए यह माना गया कि रोगी की संतुष्टि ही सही मायने में चिकित्सकीय नैतिकता (मेडिकल एथिक्स) है।

ज्ञातव्य है कि उत्तर प्रदेश शासन द्वारा सभी मेडिकल कॉलेज और हॉस्पिटलों को प्रतिमाह के प्रथम और तृतीय शनिवार को (मेडिकल एथिक्स) पर सेमिनार आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं।

कार्यक्रम का संचालन डाॅ. श्याम बिहारी शर्मा ने उद्धरणों सहित किया तथा चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राजेन्द्र कुमार ने सेमिनार में उपस्थित वक्ताओं तथा श्रोताओं का आभार माना।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *