खेर ने Open letter के जवाब में कहा, मुद्दों पर चर्चा के लिए तैयार हैं

मुंबई। खेर ने Open letter के जवाब में कहा, मुद्दों पर चर्चा के लिए तैयार हैं। भारतीय फिल्म एवं टेलीविजन संस्थान (FTII) के नव-नियुक्त अध्यक्ष अनुपम खेर ने कहा है कि वह छात्रों की समस्याओं और मुद्दों पर चर्चा करने के लिए तैयार हैं। इन मुद्दों और समस्याओं का जिक्र छात्रों ने खेर को लिखे खुले पत्र में किया है।

खेर (62) को बुधवार को केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्रालय के तहत आने वाले पुणे के स्वायत्त संस्थान एफटीआईआई का अध्यक्ष नियुक्त किया गया था।

FTII के छात्रों ने कल खेर के नाम एक खुला पत्र लिखा था जिसमें उन्होंने प्रतिष्ठित अभिनय स्कूल द्वारा शुरू किए गए कम-अवधि वाले कुछ पाठ्यक्रमों के खिलाफ आवाज उठाई और उनका ध्यान कुछ अन्य मुद्दों पर भी खींचा जिनका उन्हें सामना करना पड़ता है।

पत्र में कहा गया कि एफटीटीआई की स्थापना फिल्म निर्माण के विभिन्न पहलुओं की शिक्षा देने के उद्देश्य से की गई थी, लेकिन अब यह धीरे-धीरे एक ऐसा संस्थान बनता जा रहा है जो “धन जुटाने” के लिए कम-अवधि के ‘क्रैश कोर्स’ चलाता है।

खेर ने संवाददाताओं से कहा, “मुझे जो भी चर्चा करनी होगी, मैं वहां जाकर छात्रों के साथ चर्चा करना पसंद करूंगा। मैं उनके सीनियर की तरह हूं। मैं वर्ष 1978 में वहां छात्र था और अब 38 साल बाद मैं वहां अध्यक्ष के तौर पर जा रहा हूं।” उन्होंने कहा, “आजकल के युवा किसी अभिनेता को और मेरे जैसे व्यक्तित्व को बहुत कुछ सिखा सकते हैं। हम साथ बैठेंगे, हम इसके बारे में बात करेंगे और इस महान संस्थान को नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगे।” खेर यहां जियो मामी 19वें मुंबई फिल्म उत्सव से इतर बोल रहे थे।

एफटीआईआई छात्र संघ (एफएसए) के अध्यक्ष रॉबिन जॉय और महासचिव रोहित कुमार द्वारा हस्ताक्षरित इस पत्र में कहा गया, “हमारा मानना है कि (एफटीआईआई द्वारा) चलाए जा रहे कम-अवधि वाले पाठ्यक्रम इतने कम समय में फिल्म निर्माण की शिक्षा उपलब्ध नहीं करा सकते।” पत्र में ढांचागत निर्माण, नए पाठ्यक्रम, कुछ कार्यक्रमों पर की जाने वाली फिजूलखर्ची के बारे में भी सवाल उठाए गए हैं।

इससे पहले छात्र संघ ने उनकी नियुक्ति पर भी सवाल उठाए थे और आरोप लगाए थे कि वह अपना भी एक अभिनय स्कूल चलाते हैं, ऐसे में ‘हितों का टकराव’ हो सकता है।

FTII चेयरमैन अनुपम खेर को लिखे खुले ख़त छात्रों ने किए थे ये 8 सवाल

अनुपम खेर को FTII छात्रों ने लिखा था Open Letter
अनुपम खेर को FTII छात्रों ने लिखा था Open Letter

अनुपम खेर को लिखे खुले ख़त की शुरुआत में ही छात्रों ने लिखा, “आप अभी अपने नए रोल के लिए लोगों से बधाई ही ले रहे होंगे, लेकिन हम आपका ध्यान देश के इस प्रतिष्ठित संस्था के अहम मुद्दों की तरफ़ दिलाना चाहते हैं.”
छात्रों के आठ मुद्दे
1 – एफ़टीआईआई ने पिछले दिनों कई सारे शॉर्ट टर्म कोर्स की शुरुआत की है. इसमें छात्रों को भर्ती कर पैसे तो खूब मिले लेकिन छात्र को असली ज्ञान नहीं मिल पा रहा है. छात्रों ने अनुपम खेर से पूछा कि क्या किसी भी सरकारी संस्था के लिए पैसे कमाना ही मक़सद होना चाहिए.
2- पिछले एक साल में इंस्टीट्यूट ने ‘ओपन डे’ और ‘फ़ाउंडेशन डे’ के नाम पर लाखों रुपए खर्च किए. लेकिन उस पैसे का इस्तेमाल लाइट, कैमरा और बाकी समान खरीदने के लिए किया जाना चाहिए.

3- छात्रों ने नए चेयरमैन का ध्यान नए सिलेबस की तरफ भी खींचा. छात्रों के मुताबिक, नए सिलेबस में वर्कशॉप और प्रैक्टिकल क्लास पर बहुत कम क्रेटिड दिए गए हैं.
साथ ही इस साल एडमिशन के समय छात्रों को पूरा सिलेबस भी नहीं दिया गया है. इतना ही नहीं सिलेबस में कुछ ऐसे बदलाव भी किए गए हैं जो वास्तव में हो ही नहीं सकते. छात्र इस वजह से काफ़ी परेशान चल रहे हैं.
4- इंस्टीट्यूट में लाइटमैन कांट्रैक्ट पर काम करते हैं. हालांकि यहां पढ़ाई सप्ताह में 5 दिन ही होती है. लेकिन कई बार छठे दिन जब जरूरत होती है तो कोई लाइटमैन नहीं मिलता क्योंकि उनको पैसे भी पांच दिन के हिसाब से ही मिलते हैं.
5 – इतना ही नहीं इंस्टीट्यूट में पढ़ाने वाले ज़्यादातर अध्यापक कॉन्ट्रैक्ट पर ही है. वो हमेशा इस डर में जीते हैं कि उनको कभी भी काम से निकाला जा सकता है. उनको सैलरी भी 3 महीने देरी से मिलती है. एफ़टीआईआई में सभी विषय पढ़ाने वाले अध्यापक भी नहीं हैं.
6 – यहां छात्रों को कोर्स समय पर पूरा करने के लिए अंडरटेकिंग पर साइन करा लिया जाता है, जबकि इंस्टीट्यूट की तरफ़ से इसके लिए कोई प्रबंध नहीं होता.
7 – सिलेबस, फ़ीस, स्टाफ, प्रशासन और प्रबंधन के मुद्दे पर छात्र प्रतिनिधियों को शिक्षा परिषद की बैठकों में शामिल नहीं होने दिया जाएगा. फरवरी 2017 में हमें मेल भेज कर ऐसी जानकारी दी गई थी. इस पर आपकी क्या है राय.
8 – इस संस्था में हम केवल सिनेमा को एक वस्तु के रूप में न देखें बल्कि एक कला के तौर पर देखें.
छात्रों ने लिखा है, “उम्मीद है कि आपके आने से इन सबकी तरफ़ आपका ध्यान जाएगा.”

-एजेंसी