नन रेप केस में आरोपी Bishop को केरल HC ने दी सशर्त ज़़मानत

Bishop फ्रैंको मुलक्कल को सरेंडर करना होगा पासपोर्ट, केरल में प्रवेश की अनुमति नहीं

तिरुवनंतपुरम। नन रेप केस में सोमवार को केरल हाईकोर्ट ने आरोपी Bishop फ्रैंको मुलक्कल को सशर्त जमानत दे दी है। कुछ शर्तों को निर्धारित किया है जिसमें बिशप फ्रैंको मुलक्कल केरल में प्रवेश की अनुमति नहीं मिलेगी।

नन रेप केस में सोमवार को केरल हाईकोर्ट ने आरोपी बिशप फ्रैंको मुलक्कल को सशर्त जमानत दे दी। केरल हाई कोर्ट ने कुछ शर्तों को निर्धारित किया है जिसमें बिशप फ्रैंको मुलक्कल केरल में प्रवेश की अनुमति नहीं मिलेगी। इसके अलावा बिशप मुलक्कल को अपना पासपोर्ट भी अदालत के समक्ष सरेंडर करना होगा।

इससे पहले पुलिस ने इस आधार पर जमानत का विरोध किया था कि 21 सितंबर को आरोपी बिशप की गिरफ्तारी के बाद मामला अभी भी जारी है। गौरतलब है कि बिशप के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने के 85 दिन बाद गिरफ्तारी हुई थी। 28 जून को कुराविलंगड़ थाने में दुष्कर्म पीड़िता का बयान दर्ज किए जाने के बाद बिशप के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी।

बता दें कि पीड़िता नन ने आरोप लगाया था कि बिशप ने 2014 से 2016 के बीच कई बार उनके साथ दुष्कर्म किया था। मामला तूल पकड़ने के बाद बिशप ने अपने बचाव में कई तर्क दिए थे।

क्या है पूरा मामला

बिशप फ्रैंको मुलक्कल 2014 से 2016 के बीच एक नन के साथ दुष्कर्म और अप्राकृतिक यौन शोषण के आरोपी है। मामले में मुश्किलें बढ़ती देख बिशप मुलक्कल ने एक सर्कुलर जारी करके प्रशासनिक दायित्व दूसरे पादरी को सौंप दिया था। वहीं, वैटिकन ने भी उनको पदमुक्त कर दिया था। पीड़िता ने मुलक्कल पर 2014 से 2016 के बीच लगातार यौन उत्पीड़न करने का आरोप लगाया। उसी समूह की पांच अन्य ननों ने पीड़िता के दावे का समर्थन किया है। बिशप के खिलाफ एक प्राथमिकी दर्ज की गई है और 114-पृष्ठों का एक विस्तारित बयान पीड़िता और कान्वेंट (मठ) की अन्य ननों से लिया गया है।

-एजेंसी

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