KD हास्पीटल में कंधे और घुटने की टूटी Ligamnets का भी इलाज

मथुरा। केडी मेडीकल कालेज, हास्पीटल एंड रिसर्च सेंटर में अब कंधों और घुटनों की टूटी Ligamnets का इलाज शुरु हो गया है। इसमें कंधों और घुटनों के टूटे लिगामेंट यानी कि रस्सी को आर्थोस्कोपिक तरीके से बिना चीरफाड के जोड दिया गया है। इससे मरीज धर्मेंद्र कुमार अब सीढी चढने और चलने-फिरने में पूरी तरह से सक्षम हो गया है। इससे पूर्व कंधों और घुटनों की रस्सी यानी कि लिगामेंट में चोट लगे ऐसे मरीजों का इलाज बाहर से आकर चिकित्सक करते रहे हैं। केडी हास्पीटल में मरीज का ऐसा इलाज जनपद में पहली बार किया गया है।

महावन तहसील के गांव किरारई निवासी धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि कुछ माह पूर्व उसको अपनी बहन को इंद्रपुरी कालोनी छोडकर वापस लौटने के दौरान नए बस अड्डे पर माल गोदाम रोड की ओर से आती बाइक ने टक्कर मार दी थी। इससे उसके घुटने और सिर में चोट आई। उसे जिला चिकित्सालय में सिर की चोटों का इलाज कराकर घर वापस भेज दिया। बिस्तर से उठने के बाद उसे सीढियों पर चढने और चलने फिरने में परेशानी हुई। ऐसा महसूस होता कि वह गिर जाएगा। उसने आगरा और जयपुर के एसएमएस चिकित्सालय में परामर्श लिया। उसे बताया कि उसके घुटने के लिगामेंट यानी कि रस्सी टूट जाने से ऐसी परेशानी हो रही है। उसे Ligamnets का इलाज कराना होगा। केडी हास्पीटल के आर्थाे विभाग में जब डा. अमन गोयल से परामर्श लिया तो उन्होंने भी लिगामेंट का इलाज कराने की सलाह दी। बीते दिवस उन्होंने बिना चीडफाड के आर्थाेस्कोपिक विधि से मरीज के घुटने के टूटे लिगामेंट को अन्य लिगामेंट से मासपेशियों को लेकर जोड दिया है।

केडी हास्पीटल में कराएं आर्थाेस्कोपिक विधि से Ligamnets का इलाजः डा. अमन
केडी हास्पीटल के आर्थाे विभाग के डा. अमन गोयल ने बताया कि घुटने या कंधे के पोस्टीरियर साइमूलेट लिगामेंट के किसी टक्कर या घटना में डेमेज हो जाने पर मरीज न तो सीढी पर चढ पाता और न ही वह सामान्य तौर पर चल पाता है। कई बार तो उसका चलने-फिरने में भी संतुलन तक नही बन पाता। धर्मेंद्र कुमार के मामले में भी ऐसा ही हुआ था। आर्थाेस्कोपिक तरीके से आॅपरेशन के दौरान उसके दूसरे लिगामेंट से मांसपेसियांे को लेकर टूटे लिगामेंट पर लगाकर उसका इलाज कर दिया गया है।

उच्चतम चिकित्सा और परामर्श पाएं न्यूनतम शुल्क परः डा. रामकिशोर अग्रवाल
आरके एजुकेशन हब के चैयरमेन डा. रामकिशोर अग्रवाल, वाइस चैयरमेन पंकज अग्रवाल और एमडी मनोज अग्रवाल ने कहा कि केडी मेडीकल कालेज, हास्पीटल एंड रिसर्च सेंटर नित रोज नए आयाम स्थापित कर रहा है। ब्रजवासियों को चिकित्सा विज्ञान की नवीनतम तकनीकों और सुविधाओं का लाभ लेना चाहिए। एक ही छत के नीचे कई रोगों के विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता केडी हास्पीटल को विशिष्ट बना देती है। इसके लिए हमारा प्रयास सरकार की तरह से उच्चतम स्तर की चिकित्सा और परामर्श न्यूनतम शुल्क पर उपलब्ध कराना है।

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