KD Dental College के छात्रों ने जाने दंत विशेषज्ञों के अनुभव

मथुरा। RK एजुकेशन हब के सभी शिक्षण संस्थान युवा पीढ़ी को उच्चतम शिक्षा और संस्कार देने के मामले में हमेशा सजग रहते हैं। लॉकडाउन में छात्र-छात्राओं की पढ़ाई पर कोई असर न पड़े इसके लिए KD Dental College and Hospital के प्राचार्य डाॅ. मनेष लाहौरी ने ऑनलाइन पढ़ाई के साथ-साथ युवा पीढ़ी को देश के जाने-माने दंत चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुभवों से भी रू-ब-रू कराया है। मथुरा जनपद में यह अपनी तरह का अनोखा प्रयास है। दंत विशेषज्ञों से ऑनलाइन मिले अनुभवों को KD Dental College के छात्र-छात्राओं ने नितांत उपयोगी बताते हुए कहा कि इसका उन्हें भविष्य में बहुत लाभ मिलेगा।

प्राचार्य डाॅ. मनेष लाहौरी का कहना है कि देशभर में चल रहे लॉकडाउन के कारण अमूमन सभी स्कूल-कालेज छात्र-छात्राओं को ऑनलाइन शिक्षा प्रदान कर रहे हैं लेकिन KD डेंटल काॅलेज ने लॉकडाउन के बाद की स्थितियों को देखते हुए भविष्य के दंत चिकित्सकों को देश के जाने-माने दंत चिकित्सा विशेषज्ञों डाॅ. रोहित शेट्टी, डाॅ. इप्शा सिंह, डाॅ. अभिषेक शर्मा, डाॅ. आशीष काकर, डाॅ. एस. दीपलक्ष्मी, डाॅ. पावना कामथ, डाॅ. अजय शर्मा, डाॅ. सरफराज आदि के अनुभवों का ऑनलाइन लाभ दिलाया है।

इस कड़ी में लगभग हर दूसरे दिन किसी न किसी दंत चिकित्सा विशेषज्ञ ने कोविड-19 के बाद की स्थितियों से छात्र-छात्राओं को आसानी से निपटने के उपाय बताए हैं। डाॅ. रोहित शेट्टी ने सेरामिक बांडिंग, लैमिनेट प्रेपरेशन तथा अनटेंगल इस्थेटिक्स बाय इडलवीज वे, डा. इप्शा सिंह ने वारियस इम्प्रेशन टेक्निक्स इन एफपीडी, डाॅ. अभिषेक शर्मा ने बेसिक डेंटल इम्प्लैमटोलाजी, डाॅ. आशीष काकर ने डेंटल प्रैक्टिस एण्ड आफ्टर द कोविड-19, डाॅ. एस. दीपलक्ष्मी ने सीबीसीटी अण्डर स्टैंडिंग पैनडेमिक, डाॅ. पावना कामथ ने रुब्बेरडम ऐप्लीकैटियंस इन डेंटिस्ट्री इन द पोस्ट कोविड-19 ईआरए, डाॅ. अजय शर्मा ने न्यू जनरेशन इम्प्लांट डेंटिस्ट्री यूजिंग-30 प्लानिंग एण्ड गाइडेड सर्जरी तथा डाॅ. सरफराज ने विथ ड्यू रिस्पेक्ट पेरियोडोंटियम ए प्रोस्थोडोंटिस्ट प्रासपेक्टिव पर छात्र-छात्राओं को विस्तार से जानकारी दी।

RK एजुकेशन हब के अध्यक्ष डाॅ. रामकिशोर अग्रवाल और चेयरमैन मनोज अग्रवाल ने KD डेंटल कॉलेज एण्ड हॉस्पिटल के प्राचार्य डाॅ. मनेष लाहौरी के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि देश के जाने-माने दंत चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुभवों का जो लाभ छात्र-छात्राओं को मिला है, वह भविष्य में उनके काम आएगा। डाॅ. अग्रवाल ने कहा कि चिकित्सा-शिक्षा के क्षेत्र में व्यापक बदलावों से युवा पीढ़ी को अवगत कराना नितांत आवश्यक है क्योंकि आने वाले समय में इन्हें ही समाज के पीड़ितों की चिकित्सा सेवा करनी है।

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