कज़ाख़स्तान: हालात काबू करने के लिए तैनात होगी रूसी सेना

सरकार विरोधी प्रदर्शनों के बीच कज़ाख़स्तान में हालात को काबू करने में रूसी सेना को तैनात किया जा रहा है.
कज़ाक राष्ट्रपति कासिम-जोमार्ट तोकायेव ने बिगड़ती स्थिति के बीच सामूहिक सुरक्षा संधि संगठन (सीएसटीओ) से समर्थन मांगा है. सीएसटीओ रूस और छह पूर्व सोवियत संघ के राज्यों का एक मिलिट्री एलायंस है.
मध्य एशियाई देश में प्रदर्शन पहले तेल की क़ीमतों में बढ़ोत्तरी के ख़िलाफ़ शुरू हुए थे लेकिन बाद में प्रदर्शनकारियों ने कई राजनीतिक मुद्दे भी इसमें शामिल कर लिए थे.
राष्ट्रपति तोकायेव ने दावा किया कि उनके देश में अशांति विदेश में प्रशिक्षित “आतंकवादी गिरोहों” का काम है.
लेकिन लंदन में विदेशी मामलों के थिंक टैंक चैटम हाउस में मध्य एशिया की एक विशेषज्ञ केट मॉलिंसन ने कहा कि विरोध “कज़ाक सरकार के आधुनिकीकरण और राजनीतिक सुधार में विफलता के ख़िलाफ़ व्याप्त आक्रोश का संकेत हैं.”
राष्ट्रपति तोकायेव ने देश में इमरजेंसी लागू कर दी है जिसमें रात के समय कर्फ़्यू और भीड़ के एकत्र होने पर सख्त पाबंदी है.
गुरुवार तड़के प्रसारित एक टीवी संदेश में राष्ट्रपति तोकायेव ने सीएसटीओ से मदद मांगी है.
उधर अमेरिका ने कहा है कि वो कज़ाख़्स्तान के हालात पर नज़र रख रहा है और वो सरकार ने प्रदर्शनकारियों के ख़िलाफ़ बलप्रयोग ने करने की अपील करता है.
-एजेंसियां

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