कश्‍मीर सीक्रेट: जैश-ए-मोहम्मद ने बनाई थी भारतीय सैनिकों के खिलाफ बैट ऑपरेशन की योजना

नई दिल्‍ली। कुख्‍यात आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के आतंकवादी और पाकिस्‍तान के एसएसजी कमांडो भारतीय सैनिकों के खिलाफ एक बैट (बॉर्डर एक्शन टीम) ऑपरेशन करने की योजना बना रहे थे। जैश के संस्थापक मसूद अजहर के भाई इब्राहिम अजहर के नेतृत्व में बॉर्डर एक्शन टीम का गठन किया गया था। ये लोग नियंत्रण रेखा पर पाकिस्तानी सेना की अग्रिम चौकियों के पास आ गए थे। इब्राहिम कुछ समय पहले पीओके के मुजफ्फराबाद में भी देखा गया था। वह 1999 में हाइजैक हुए आईसी-814 विमान का मुख्य मास्टरमाइंड है।
इस सूचना के बाद ही भारत और पाकिस्तान के बीच एक बार फिर तनाव बढ़ने की आशंका है।
कुछ रिपोर्ट्स में इस बात का खुलासा हुआ है कि जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर के नेजापीर सेक्टर में लॉन्च पैड पर मौजूद थे जो कि पुंछ के शाहपुर सेक्टर में भारतीय पोस्ट के ठीक विपरीत स्थित है। इन आतंकियों को पाकिस्तानी एसएसजी कमांडो का पूरा समर्थन हासिल था।
सूत्रों के अनुसार ये आतंकी
खुफिया रिपोर्ट में इस बात का खुलासा हुआ है कि इब्राहिम घाटी में घुसपैठ कर भारत के विरुद्ध हमले करना चाहता था। वह अपने बेटे उस्मान हैदर की मौत का बदला लेने के लिए ये सब कर रहा था जिसकी जम्मू कश्मीर में चले सुरक्षा ऑपरेशन में मौत हो गई थी।
इब्राहिम के बेटे ने अक्तूबर 2018 में जम्मू कश्मीर में घुसपैठ की थी। और उसे पुलवामा के अवंतिपुरा इलाके में 30 अक्तूबर, 2018 को भारतीय सुरक्षा बलों ने मार गिराया था। इसके अलावा मसूद अजहर के साले अब्दुल रशीद का बेटा ताल्हा रशीद भी छह नवंबर 2018 को सुरक्षा बलों के हाथों मारा गया था।
ये जानकारी भी मिली है कि इब्राहिम अपने बेटे की मौत का बदला लेने के लिए भारतीय सुरक्षा बलों से लड़ना चाहता था। यही वजह है कि सरकार ने अमरनाथ यात्रियों और पर्यटकों को जल्द से जल्द कश्मीर छोड़ने की सलाह दी। रिपोर्ट्स में सोपोर में सुरक्षा बलों के प्रतिष्ठानों पर पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठनों, खासकर जैश ए मोहम्मद की तरफ से आईईडी ब्लास्ट के जरिए निशाना बनाने की बात भी कही गई है।
भारतीय सुरक्षा प्रतिष्ठानों ने पाकिस्तान के आतंकी संगठन जैश ए मोहम्मद और लश्कर ए तैयबा की गतिविधियों में काफी तेजी को नोटिस किया है। जम्मू कश्मीर के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि जैश की तरफ से बड़े आतंकी हमले के चलते सरकार ने ये निर्णय लिया है। इस ड्यूटी से फ्री होने के बाद सुरक्षा बल आतंकवाद विरोधी कार्यवाही पर ध्यान केन्द्रित कर पाएंगे।
रिपोर्ट में कहा गया है कि पाकिस्तान के आतंकी संगठन हिंसा फैलाने के लिए घुसपैठ की योजनाएं बना रहे थे। साथ ही इन लोगों ने कश्मीर में कई जगहों पर आत्मघाती हमले की योजना भी बनाई थी। दक्षिणी कश्मीर और श्रीनगर में हमला करने के लिए एक अन्य आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिद्दीन को भी इन संगठनों का साथ देने के लिए कहा गया था।
-एजेंसियां

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