कंगना ने लिखा: “बॉलीवुड… जो ड्रग्स, शोषण, नेपोटिज़्म और जिहाद का गटर है, वो न्‍यूज़ चैनल्‍स पर केस कर रहा है

मुंबई। अभिनेत्री कंगना रनौत ने दो टीवी चैनलों के ख़िलाफ़ नामी फ़िल्म प्रोड्यूसरों के अदालत जाने के मामले में बॉलीवुड को ही कठघरे में खड़ा कर दिया है.
बॉलीवुड के 34 नामी निर्माताओं ने सोमवार को रिपब्लिक टीवी, अर्णव गोस्वामी, रिपब्लिक टीवी के प्रदीप भंडारी, टाइम्स नाउ, राहुल शिवशंकर और नविका कुमार के ख़िलाफ़ सुशांत सिंह राजपूत की मौत के मामले में ‘ग़ैर-ज़िम्मेदाराना रिपोर्टिंग’ करने का आरोप लगाकर दिल्ली हाई कोर्ट में मुक़दमा किया था.
मामला दर्ज होने के बाद कंगना एक के बाद एक कई ट्वीट किए हैं.
कंगना ने लिखा है, “बॉलीवुड… जो ड्रग्स, शोषण, नेपोटिज़्म और जिहाद का गटर है, बजाय इसे साफ़ करने के #BollywoodStrikesBack जैसे हैशटैग का इस्तेमाल किया जा रहा है. मैं तो कहती हूं कि मुझ पर भी केस कर दो. जब तक मैं ज़िंदा हूं, तब तक मैं तुम सभी की असलियत सामने लाती रहूंगी.”
इंडस्ट्री के साथ ही उन्होंने बॉलीवुड कलाकारों पर भी टिप्पणी की है.
वो लिखती हैं, “बड़े सितारे ना केवल महिलाओं को ऑब्जेक्टिफ़ाई करते हैं बल्कि जवान लड़कियों का शोषण भी करते हैं. वे सुशांत सिंह राजपूत जैसे युवा सितारों को उभरने नहीं देते. वे 50 साल की उम्र में स्कूल किड्स का किरदार निभाना चाहते हैं. अगर उनके सामने कुछ ग़लत भी हो रहा हो तो वो किसी के लिए स्टैंड नहीं लेते हैं.”
लंबे समय से लगाती रही हैं आरोप
कंगना लंबे समय से बॉलीवुड में भाई-भतीजावाद की बात करती रही हैं. सुशांत सिंह राजपूत मामले की मौत की जांच के दौरान भी उन्होंने कई बार बॉलीवुड पर ऐसा आरोप लगाया था.
उन्होंने इसी ओर इशारा करते हुए फिर एक ट्वीट में लिखा,”फ़िल्म इंडस्ट्री में एक अलिखित क़ानून है. तुम मेरे गंदे राज़ छिपाओ और मैं तुम्हारे. इनकी वफ़ादारी का सिर्फ़ यही एक पैमाना है. मेरे पैदा होने के समय से ही मैं देख रही हूं कि फ़िल्मी घरानों के सिर्फ़ कुछ मुट्ठीभर आदमी ही इस इंडस्ट्री को चले रहे हैं.”
दिल्ली हाई कोर्ट में मुक़दमा
करण जौहर, शाहरुख खान, सलमान खान, अनिल कपूर, विशाल भारद्वाज, अजय देवगन, रोहित शेट्टी पिक्चर्स जैसे कई सितारों के प्रोडक्शन हॉउस सहित यशराज फिल्म्स, विनोद चोपड़ा फिल्म्स, एक्सेल एंटरटेनमेंट, सिने-टीवी आर्टिस्ट एसोसिएशन, द फ़िल्म एंड टीवी प्रोड्यूसर्स काउंसिल और स्क्रीन राइटर्स एसोसिएशन ने एक साथ मिलकर दिल्ली हाई कोर्ट में मुक़दमा दायर किया है.
दिल्ली हाई कोर्ट में केस दायर करने वालों का कहना है कि यह केस इसलिए दायर किया गया है ताकि बॉलीवुड और बॉलीवुड के लोगों के ख़िलाफ़ अपमानजनक तथा ग़ैर-ज़िम्मेदाराना टीका-टिप्पणी करने से रोका जा सके.
इसके साथ ही प्राइवेसी के अधिकार में दख़ल ना देने और मीडिया ट्रायल पर रोक लगाने की भी माँग की गई है.
याचिकाकर्ताओं का कहना है कि बचाव पक्ष केबल टेलीविज़न नेटवर्क्स रूल्स, 1994 के प्रोग्राम कोड से बंधे हुए हैं और बॉलीवुड के ख़िलाफ़ जितनी भी आपत्तिजनक बातें कही-सुनी गई हैं, उन्हें वापस लिया जाए.
याचिका में टेलीविज़न चैनलों के साथ-साथ सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भी बॉलीवुड के बारे में अपमानजनक सामाग्री के प्रकाशन पर भी रोक लगाने की माँग की गई है.
याचिकाकर्ताओं की ओर से जारी की गई एक प्रेस विज्ञप्ति में इन चैनलों पर बॉलीवुड के बारे में ‘गंदगी’, ‘कूड़ा-कचरा’ और ‘नशेड़ियों’ की जगह कहने का आरोप लगाया गया है.
IMPPA (इंडियन मोशन पिक्चर्स प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन) तो मुकदमा करने वाले समूहों में शामिल नहीं है लेकिन संस्था के अध्यक्ष और फ़िल्म निर्माता टीपी अग्रवाल ने बॉलीवुड के इस कदम की सराहना की है.
-BBC

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