पत्रकार दानिश अपनी मौत के खुद जिम्‍मेदार, हम माफी क्‍यों मांगें: तालिबान

अफगानिस्‍तान में भारतीय पत्रकार दानिश सिद्दीकी की हत्‍या करने वाले तालिबान ने कहा है कि वह पत्रकार की मौत के लिए माफी नहीं मांगेगा। तालिबान ने कहा है कि दानिश की मौत किसकी गोली से हुई है, इसका पता नहीं चल पाया है। तालिबान ने दावा किया कि दानिश के शव के साथ कोई बेहुरमती नहीं की गई थी। उसने कहा कि दानिश ने युद्धग्रस्‍त इलाके में आने से पहले हमसे इजाजत भी नहीं ली थी।
तालिबान प्रवक्‍ता जबीउल्लाह मुजाहिद ने दैनिक भास्‍कर अखबार के साथ बातचीत में कहा कि उन्‍हें नहीं पता चला है कि दानिश किसकी गोली से मारे गए। जबीउल्‍लाह ने कहा कि दानिश ने युद्धक्षेत्र में आने से पहले हमसे कोई इजाजत नहीं ली थी। वह दुश्‍मन के टैंक में सवार थे और अपनी मौत के लिए खुद जिम्‍मेदार हैं। तालिबान प्रवक्‍ता ने दावा किया दानिश के शव के साथ कोई बेहुरमती नहीं की गई है।
‘तालिबान ने दानिश के शव के साथ भी दुर्व्यवहार किया’
जबीउल्‍लाह ने कहा कि दानिश के शव को जलाया नहीं गया था। उसने दावा किया कि दानिश का शव लड़ाई वाले इलाके में पड़ा रह गया था और बाद में पहचान में आने पर उसे रेडक्रॉस के हवाले किया गया। इससे पहले अफगानी सेना के एक कमांडर ने दावा किया था कि तालिबान ने दानिश को मौत के बाद उनके शव के साथ भी दुर्व्यवहार किया। आतंकियों को जब पता चला कि मरने वाला पत्रकार भारतीय है तो उन्होंने गाड़ियों से दानिश के सिर को कुचल दिया।
अफगान कमांडर बिलाल अहमद ने कहा कि तालिबान ने न सिर्फ पुलित्‍जर पुरस्‍कार विजेता दानिश सिद्दीकी को गोली मारी बल्कि उनके शरीर को भी क्षत-विक्षत कर दिया। अफगान कमांडर ने दावा किया कि तालिबान विद्रोहियों ने दानिश सिद्दीकी की भारतीय राष्ट्रीयता के कारण उनका अनादर किया। उन्होंने यह भी बताया कि तालिबान, भारतीयों से नफरत करता है। तालिबान प्रवक्‍ता जबीउल्‍लाह ने अफगानिस्‍तान में भारतीय निवेश पर कहा कि हम हर उस जायज निवेश का समर्थन करते हैं जिससे देश के आर्थिक विकास में मदद मिल सके। उसने कहा कि हम भारत समेत सभी पड़ोसी देशों के साथ अच्‍छे संबंध रखना चाहते हैं।
-एजेंसियां

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