अब कांग्रेस के शत्रु ने बोतल से बाहर निकाला जिन्‍ना का जिन्‍न, विवाद शुरू

छिंदवाड़ा में कांग्रेस नेता शत्रुघ्न सिन्हा एक जनसभा कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि मोहम्मद अली जिन्ना का भी देश की तरक्की और आजादी में बड़ा योगदान है। शत्रुघ्न के इस बयान के बाद कांग्रेस की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं।
लोकसभा चुनाव का वक्त चल रहा है और जिन्ना का भूत फिर से चुनावी मैदान में उतर आया है। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) से बगावत कर कांग्रेस में शामिल हुए शत्रुघ्न सिन्हा मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले के सौसर में एक चुनावी जनसभा कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि देश की आजादी और तरक्की में मोहम्मद अली जिन्ना का भी सबसे बड़ा योगदान है।
शत्रुघ्न के इस बयान पर बीजेपी के नेता और उत्तर-पूर्वी दिल्ली से उम्मीदवार मनोज तिवारी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। तिवारी ने कहा कि जो लोग जिन्ना पर गर्व कर रहे हैं वो देश का क्या हाल करेंगे, यह भी विचार करने वाली बात है।
शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा, ‘यह कांग्रेस परिवार महात्मा गांधी से लेकर, सरदार वल्लभ भाई पटेल से लेकर, मोहम्मद अली जिन्ना से लेकर, जवाहर लाल नेहरू से लेकर, स्वर्गीय इंदिरा गांधी से लेकर, राजीव गांधी से लेकर, राहुल गांधी से लेकर, नेताजी सुभाष चंद्र बोस इनकी पार्टी है, जिनका देश की तरक्की में, देश की आजादी में सबसे बड़ा योगदान हुआ इसलिए हम यहां (कांग्रेस) आए।’
‘कुछ तो मजबूरियां होंगी वरना यूं कोई बेवफा नहीं होता’
कांग्रेस नेता शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा, ‘जब मैं पहली और आखिरी बार कांग्रेस पार्टी में आ गया हूं तो कभी मुड़कर जाने के लिए नहीं आया। मैं कह सकता हूं कि कुछ तो मजबूरियां रही होंगी वरना यूं ही कोई बेवफा नहीं होता।’
कमलनाथ के बेटे नकुलनाथ चुनाव मैदान में
बता दें कि मध्य प्रदेश की छिंदवाड़ा लोकसभा सीट से कांग्रेस प्रत्याशी और एमपी के मुख्यमंत्री कमलनाथ के बेटे नकुलनाथ चुनाव लड़ रहे हैं। एक समय दिग्विजय के यहां से लड़ने की संभावनाएं जताई जा रही थीं तो मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कह दिया कि दिग्विजय सिंह से उन्होंने कहा है कि वह मुश्किल सीट से चुनाव लड़ें। बाद में दिग्विजय को कांग्रेस ने भोपाल से उम्मीदवार बनाया और इसकी घोषणा भी कमलनाथ ने ही की।
नकुलनाथ के खिलाफ बीजेपी ने खेला यह दांव
उधर, काफी मंथन के बाद बीजेपी ने पूर्व विधायक और RSS नेता नाथन शाह को नकुलनाथ के खिलाफ उतार दिया है। माना जा रहा है कि क्षेत्र के आदिवासी वोट को पक्का करने के लिए पार्टी ने आदिवासी नेता शाह पर दांव लगाया है। छिंदवाड़ा लोकसभा सीट में 7 विधानसभा सीटें आती हैं, जिनमें से 3 सीटें ST के लिए आरक्षित हैं। पिछले साल हुए स्टेट पोल्स में कांग्रेस ने सभी सातों सीटें जीती थीं।
-एजेंसियां

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